शैक्षिक वातावरण व शिक्षकों के बीच एक प्रतियोगी माहौल तैयार करने के लिए जिले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर चयनित विद्यालयों को कुछ धनराशि दी जाएगी। इसका इस्तेमाल स्कूल के विकास के लिए किया जाएगा।
वर्तमान में जिले में 1144 विद्यालय हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि जिले में पहले कुछ एक अध्यापक ही विद्यालय को संवारने में लगे हुए थे, लेकिन एक दूसरे को देखकर अन्य अध्यापक भी अपने विद्यालयों को संवारने में जुट गए हैं। शिक्षकों के बीच इस प्रतियोगी माहौल को बनाए रखने के मकसद से अब इसे प्रतियोगिता का रूप दिया जा रहा है।
चयन के ये होंगे मानक
विद्यालय में कम से कम 150 विद्यार्थी नामांकित होने चाहिए और पिछले तीन वर्षों में नामांकन में कोई गिरावट नहीं होनी चाहिए। बच्चों की औसतन मासिक उपस्थिति 60 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति होनी चाहिए। बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हो। शिक्षण कार्य बेसिक शिक्षा परिषद की समय सारिणी के मुताबिक पूरा होना चाहिए। पढ़ाई के साथ स्कूल में खेलकूद व वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो।