नव संवत्सर के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी महानगर (उत्तर भाग) की ओर से रविवार को बाजेगाजे के साथ निकाले गए पथ संचलन में स्वयं सेवकों की कतार आकर्षण का केंद्र बन गई।
14 वर्ष बाद बेनियाबाग पार्क से पूरे गणवेश में निकले संघ के स्वयंसेवकों को देखने के लिए छतों, बारजों पर लोट टकटकी लगाए खड़े नजर आए। रास्ते भर पुष्पवर्षा होती रही।
गेंदा के फूलों से सजी जीप पर आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार और माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर गुरुजी के चित्र लगाए गए थे। बेनियाबाग से निकले संघ के पथ संचलन को लेकर चर्चा थी कि चौदह साल पहले बेनियाबाग से पथ संचलन निकाला गया था।
इसके बाद प्रशासन ने कभी बेनियाबाग से पथ संचलन की अनुमति नहीं दी। इस दौरान टाउनहाल से ही पथ संचलन निकलता था। इस बार भाजपा की सरकार बनी तो चौदह साल का वनवास केवल पार्टी का ही नहीं बल्कि संघ का भी खत्म हुआ।
उन्हें इस बार बेनियाबाग से पथ संचलन का मौका मिला। बेनियाबाग से प्रार्थना के बाद निकले स्वयंसेवक पुन: बेनियाबाग पहुंचे तो संघ रचना में जुट गए। यहां जलपान के बाद सभी स्वयंसेवक वापस चले गए।
बेनियाबाग, नई सड़क, गिरजाघर, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, चेतगंज होते हुए पथ संचलन बेनियाबाग में समाप्त हुआ।