वाराणसी। आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने सकारात्मक पत्रकारिता को मौजूदा वक्त की जरूरत बताया और कहा कि मीडिया उस चीज को न परोसे जो देश के लिए अहितकर हो। उन्होंने नारद जयंती को पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाने की वकालत की और कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता और सत्य के साथ खड़ा होना चाहिए। इंद्रेश कुमार बुधवार को अपराह्न काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। समारोह में नगर के छह पत्रकारों को नारद सम्मान से नवाजा गया।
विश्व संवाद केंद्र की ओर से गांधी अध्ययन पीठ सभागार में हुई संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने जनसंचार माध्यमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सामाजिक जागरूकता के बिना पत्रकारिता राष्ट्रवाद से अनुप्राणित नहीं हो सकती। कहा कि एक आदर्श पत्रकार में जो गुण होने चाहिए, वे सभी गुण महर्षि नारद में दिखाई देते हैं। नारद को लोक व्यवहार और शास्त्र
दोनों का ज्ञान था। मुख्य अतिथि नेशनल बुक ट्रस्ट आफ इंडिया के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि सच्चा पत्रकार मानवीय संवेदनाओं से युक्त होता है। वह सामाजिक समस्याओं का विश्लेषण करते हुए समाधान भी देता है। कहा कि पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां हैं। विकट स्थिति में मूल्यपरक पत्रकारिता की जरूरत पर बल दिया। संगोष्ठी के उपरांत शहर के पत्रकारों स्नेह रंजन, जयप्रकाश पांडेय, सुनील सिंह, विजय शंकर चतुर्वेदी, डा. हंस नारायण सिंह राही और डा. राम प्रसाद सिंह को महर्षि नारद
सम्मान से नवाजा गया। समारोह में मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश सिंह, डा. अत्रि भारद्वाज, डा. ओपी उपाध्याय, माधवी तिवारी, दीपक शाह, संतोष सिंह, जेपी राय, सुधीर सिंह, उमेश सिंह, शिवजी सिंह, देवीप्रसाद सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालू, वाचस्पति त्रिपाठी, हरेंद्र राय, धर्मेंद्र सिंह, प्रमथेश पांडेय, अभय पांडेय आदि मौजूद थे।