राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह दिवसीय प्रचारक वर्ग शिविर के दूसरे दिन संघ की ओर से राज्यों में चलाए जा रहे कामकाज पर मंथन हुआ। सर संघ चालक मोहन भागवत के उद्बोधन में संघ के कार्यक्षेत्र को विस्तार करने का संदेश दिया गया। सोमवार को वाराणसी के कोइराजपुर स्थित निर्माणाधीन संत अतुलानंद स्कूल में सुबह की शाखा के बाद दो सत्रों में संघ प्रमुख की मौजूदगी में मंथन हुआ।
सूत्रों की मानें तो संघ के व्यापक प्रचार-प्रसार पर संघ प्रमुख का अधिक बल रहा। प्रचारकों से फीडबैक फार्म भी भरवाया गया। सभी राज्यों से आए प्रचारकों से फीडबैक लिया गया। राज्य और केंद्र सरकार के सामंजस्य को विमर्श के तौर पर देखा गया। संघ के कामकाज में आने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकारों के कामकाज की प्रणाली के साथ-साथ केद्रीय योजनाओं को उनके द्वारा मूर्त रूप देने पर गहन मंथन किया गया। कमियों को दूर करने की दिशा में किए जाने वाले उपायों पर फीडबैक लिया गया।
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चर्चा हुई कि कि विकास का सीधा फायदा सामान्य मानविकी को मिला है तो उसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अव्यवस्थाओं और शासन पर सख्त से सख्त नजर रखने को कहा गया। इस दौरान प्रचारकों की शंका का समाधान किया गया।
सुबह-शाम की शाखा लगी
सुबह-शाम शाखा में भागीदारी के अलावा संघ प्रमुख ने प्रचारकों के साथ लौकी की सब्जी, गुलाब जामुन के अलावा रोटी, दाल और चावल ग्रहण किया।