एआरटीओ आरएस यादव का कैंटोनमेंट स्थित होटल वेस्ट इन
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भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए एआरटीओ आरएस यादव का कैंटोनमेंट स्थित होटल वेस्ट इन सील होगा। स्वीकृत नक्शे के विपरीत इसका निर्माण कराए जाने पर अब वीडीए की भी आंखें खुली हैं।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने बुधवार को करीब पचास करोड़ के इस होटल का निरीक्षण किया। मौके पर पाया कि नक्शा बेसमेंट के साथ दो मंजिला रैनबसेरा के लिए पास है लेकिन उसकी आड़ में चार मंजिला होटल खड़ा कर दिया गया है।
यह नक्शा एआरटीओ के चालक महेंद्र मौर्या के नाम से पास कराया गया है। महेंद्र को ही कागजात में होटल का मालिक दिखाया गया है। वीडीए के अधिकारियों के मुताबिक इसका नक्शा रेनबसेरा के नाम पर पास कराया गया है।
इसके तहत 31 जनवरी 2013 को वीडीए से बेसमेंट सहित दो मंजिले भवन के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन, मौके पर मनमाने तरीके से निर्माण कराया गया। तत्कालीन वीडीए के अधिकारी और कर्मचारी एआरटीओ की रसूख के आगे आंखें मूंदे रहे।
किसी तरह की रोकटोक की जरूरत नहीं समझी। एआरटीओ की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया। बुधवार को जोनल अधिकारी और अवर अभियंताओं की टीम ने बेसमेंट से लेकर चौथे मंजिल तक का निरीक्षण उसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की।
आखिर अब तक क्या कर रहा था वीडीए
वीडीए कार्यालय से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर नक्शे के विपरीत मनमाने तरीके से निर्माण कराया जाता रहा और वीडीए की पूरी फौज हाथ पर हाथ धरे बैठे रही। जुलाई 2013 से लेकर अब तक वीडीए के अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी। मामला सामने आने के बाद वीडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। शहर में अवैध निर्माणों के लिए पहले भी वीडीए पर सवाल उठते रहे हैं।
मुकदमा वापस ले लो नहीं तो जान से मार देंगे
एआरटीओ आरएस यादव
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जिला जेल में निरुद्ध एआरटीओ आरएस यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार की देर रात ट्रक चालक को धमकाने के आरोप में आरएस यादव के चार अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार यदि मामले में आरएस यादव की संलिप्तता उजागर हुई तो विवेचना के दौरान उसका नाम भी जोड़ा जाएगा।
जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के कलीचाबाद निवासी तेजू यादव की शिकायत पर ही बीते आठ जून को चंदौली के सीओ सदर ने एआरटीओ आरएस यादव के चालक शिवबहादुर यादव और उसके साथी धनजी यादव के खिलाफ चंदौली थाना में मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसके बाद शिव बहादुर और धनजी के अलावा एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी हुई। तेजू यादव का आरोप है कि मंगलवार की रात वह डेहरी आनसोन से ट्रक में बालू लोडकर जौनपुर जा रहा था। कछवां-कपसेठी मार्ग पर एक ढाबे के समीप रात आठ बजे सफेद रंग की स्कार्पियो सवार चार लोगोें ने ट्रक को घेरकर रोक लिया।
धमकी दी कि आरएस यादव से संबंधित मुकदमे को वापस नहीं लोगे तो जान से मार दिए जाओगे। इसके बाद सभी मौके से निकल लिए। तेजू ने पुलिस को बताया कि स्कार्पियो का नंबर यूपी 65 जेटी तक उसने पढ़ा और आगे का नंबर नहीं समझ में आया।
थानाध्यक्ष मिर्जामुराद ने बताया कि तहरीर के आधार पर चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
आरएस यादव के चालक की तलाश में दबिश तेज
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के चालक एवं होटल वेस्ट इन के कथित मालिक महेंद्र मौर्या की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बुधवार को उसके खजुरी स्थित आवास पर दबिश दी। घर पर सिर्फ उसकी पत्नी और बच्चे थे।
पता चला कि महेंद्र पिछले तीन दिनों से घर नहीं आया है। पुलिस उसके सभी संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही है। महेंद्र मौर्या की गिरफ्तारी के बाद ही होटल और एआरटीओ से जुड़े राज सामने आएंगे।
उधर, आरएस यादव की तीन बोगस कंपनियों की तहकीकात के लिए गुरुवार को पुलिस टीम कोलकाता जा सकती है। सूत्रों की मानें तो दोनों कंपनियों के कोलकाता स्थित मुख्यालय पर ताला लगा हुआ है।
बताया गया कि एआरटीओ को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद से महेंद्र भी घर से फरार है। उसके परिवारवालों ने पुलिस को जानकारी दी कि वह तीन दिनों से घर नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि उसके अन्य ठिकानों के बारे मेें जानकारियां हाथ लगी हैं।
उनकी पड़ताल की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वाराणसी और आसपास के जिलों की पुलिस आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, एआरटीओ और होटल वेस्ट इन से जुड़े राज महेंद्र मौर्या की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस को उससे कई सवालों के जवाब चाहिए। आखिर दो कमरों में रहने वाले महेंद्र ने करीब 50 करोड़ की लागत का होटल कैसे खड़ा कर लिया।
उसकी आमदनी का जरिया और आरएस से नजदीकियों से जुड़े तमाम पहलुओं पर भी पूछताछ की जानी है।