भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद चंदौली से निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की जमानत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक दिसंबर को सुनवाई होगी। बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका।
कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए एक और मोहलत देते हुए अर्जी पर सुनवाई के लिए एक दिसंबर की तिथि नियत की है। आरएस यादव की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं। आरएस यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण सहित आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
उस पर आरोप है कि बार्डर के जिले में वह वर्षों से तैनात हैं और गिरोह बनाकर यूपी में प्रवेश करने वाले ट्रक चालकों से वसूली करते हैं। उन्होंने करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बना ली है। नौकरों और ड्राइवरों के नाम से भी होटल और अन्य संपत्तियां बनाईं हैं।
स्थानीय पुलिस से लेकर प्रधानमंत्री तक उनकी शिकायतें भेजी गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में एक सीओ ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरएस यादव पर कई और मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
उन पर एक ट्रक चालक को पैसे न देने पर पीट-पीटकर मार डालने का भी आरोप है। पुलिस ने इस मामले में गहरी पड़ताल की थी, मगर बाद में मामला विजलेंस को सौंप दिया गया।
विजलेंस ने दो पेज की चार्जशीट दाखिल की है। जमानत अर्जी का ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह की ओर से विरोध किया जा रहा है जो इस मामले में गवाह भी हैं। प्रमोद का कहना है कि आरएस यादव उनको जेल से धमकी दे रहे हैं।