वाराणसी। काशी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों को एक -दूसरे से जोड़ने की कड़ी में अब 11 रुद्र विनायक को भी शामिल कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को नगर निगम में पर्यटन विभाग, वीडीए, पीडब्ल्यूडी और इंटेक के साथ हुई बैठक में इस पर सहमति बनी। आठ नवंबर को हुई पहली बैठक में 12 ज्योतिर्लिंग, अष्टभैरव और नौ गौरी को पावन पथ में शामिल करने का प्रस्ताव रखा जा चुका है।
बीते 25 अक्तूबर को सांस्कृतिक संकुल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के प्रमुख और पौराणिक मंदिरों को एक दूसरे से जोड़ने और वहां तक सड़कों, प्रकाश और पेयजल आदि व्यवस्थाएं विकसित कर पावन पथ बनाने की घोषणा की थी। साथ ही संबंधित विभागों को प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। इसके बाद से इस पर काम शुरू हुआ। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में 11 रुद्र विनायक को शामिल करने के साथ ही नक्शा तैयार करने के निर्देश नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने निगम के इंजीनियरिंग विभाग और पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अविनाश चंद्र मिश्रा को दिए। बैठक में उप नगर आयुक्त रमेश सिंह, चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह, इंटेक के अशोक कपूर भी मौजूद रहे।