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वाराणसी: बाबा लाटभैरव की निकली शाही बरात, रास्ते भर लगी रही भक्तों की कतार, विधि-विधान से विवाहोत्सव संपन्न

Tue, 21 Sep 2021 01:33 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी के न्यायाधीश अनादिकालेश्वर बाबा लाट भैरव के विवाहोत्सव का आयोजन सोमवार को किया गया। कोविड प्रोटोकॉल के कारण हर साल 12 घंटे में गंतव्य तक पहुंचने वाली बरात तीन घंटे में ही मंदिर प्रांगण पहुंच गई।
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बाबा लाट भैरव की निकली बरात, भक्तों ने उतारी आरती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में सोमवार शाम बाबा श्री कपालभैरव की विवाहोत्सव यात्रा धूम-धाम से निकाली गई। भक्तों ने बाबा के रथ की राह में फूल बिछाए और आरती उतारकर स्वागत किया। बाबा लाट भैरव की बरात में शामिल भक्तों ने हर-हर महादेव का जयघोष किया। बाबा के रजत मुखौटे का पूजन के साथ ही विधि-विधान से विवाहोत्सव की परंपरा निभाई गई।
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रथ पर सवार बाबा के रजत स्वरूप का दर्शन करने के लिए रास्ते भर भक्तों की कतार लगी रही। कोविड प्रोटोकॉल के कारण हर साल 12 घंटे में गंतव्य तक पहुंचने वाली बरात तीन घंटे में ही मंदिर प्रांगण पहुंच गई। सोमवार को काशी के न्यायाधीश अनादिकालेश्वर बाबा लाट भैरव के विवाहोत्सव का आयोजन किया गया।

लाट भैरव प्रबंधक समिति की ओर से दोपहर दो बजे हरतीरथ स्थित इन्ना माई की गली से आचार्य पं. रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में मुख्य यजमान धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बाबा के रजत मुखौटे का षोड्षोपचार पूजन-अर्चन कर बारात शोभायात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद बाबा के रजत मुखौटे को भव्य रथ पर विराजमान कराया गया। 
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रथ पर सवार बाबा अपने अद्भुत रूप में सुशोभित हो रहे थे। बाबा के विशाल मुखौटे के दमकते नेत्रों की आभा देखते ही बन रहीं थीं। शोभायात्रा की राह में भक्तों का उत्साह देखने लायक था। हर ओर से लाट भैरव बाबा की जय, हर-हर बम-बम के गगनभेदी उद्घोष हो रहे थे।

पुष्पवर्षा कर बारात का अभिनंदन

बाबा की शाही बारात, जगह-जगह उतारी गई आरती - फोटो : अमर उजाला
कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए भक्तों को रथ पर चढ़कर बाबा की आरती व पूजन करने की अनुमति नहीं थी। रास्ते भर भक्तों ने अपने-अपने घरों, दरवाजों, चबूतरों से बाबा की आरती उतारी। छतों व बरामदों से महिलाएं पुष्पवर्षा कर बारात का अभिनंदन कर रही थीं। श्री लाट भैरव डमरू दल का 51 सदस्यीय समूह दीपक के नेतृत्व में डमरू नाद करते हुए बारात के साथ चल रहा था।

शिवम अग्रहरि ने बताया कि इस वर्ष हम सभी ने बाबा की आरती कर कोरोना महामारी का जड़ मूल से विनाश करने की कामना की। बरात अपने निर्धारित मार्ग विशेश्वरगंज, भैरवनाथ चौराहा, भैरवनाथ मंदिर, जतनबर, कतुआपुरा, अंबियामंडी, बलुआबीर, हनुमानफाटक, तेलियाना से होते हुए नउआपोखर स्थित लाट भैरव बाजार में जनवासे के लिए रुकते हुए जलालीपुरा मार्ग से कज्जाकपुरा स्थित मंदिर प्रांगण पहुंची। मंदिर परिसर सहित बरात के मार्गभर में सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों तैनात रहे। 

बाबा का द्वारपूजन सकुशल विवाह संपन्न

गोधूली बेला में बारात के मंदिर पहुंचते ही बाबा का द्वारपूजन किया गया। तदुपरांत रजत मुखौटे को मंदिर की पांच परिक्रमा करवाने के उपरांत विग्रह पर विराजमान कर वैवाहिक अनुष्ठान प्रारंभ कराए गए। रात्रि में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक समस्त वैवाहिक कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष हरिहर पांडेय ने आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में संपन्न कराया।
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राजसी ठाठ के साथ दूल्हे के रूप में सजे बाबा

कपालभैरव मंदिर में देर रात्रि तक दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। राजसी ठाठ के साथ दूल्हे के रूप में सजे बाबा की मनमोहक छवि का दर्शन कर भक्त भी निहाल होते रहे। पूरे मंदिर प्रांगण को सजाया गया था। अष्ट भैरव सहित माता काली की भव्य झांकी सजाई गई थी। कपाल मोचन कुंड को रंग बिरंगे विद्युत झालरों और अत्याधुनिक फुहारों से सुसज्जित किया गया था। मध्यरात्रि में हजारा दीपक से बाबा की आरती उतारी गई।
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