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Ropeway in Varanasi: रोपवे से काशी विद्यापीठ परिसर में नहीं पड़ेगा असर, विरोध के बीच वीडीए ने रखा पक्ष

Sat, 16 Jul 2022 12:14 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रोपवे स्टेशन और पिलर को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। काशी विद्यापीठ परिसर के ऊपर से रोपवे गुजारने के प्रस्ताव पर आपत्ति है। विरोध के बीच वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अपना पक्ष रखा है। 
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रोपवे (सांकेतिक)। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना पर शुरू हुए विरोध के बीच वाराणसी विकास प्राधिकरण ने साफ किया है कि इससे काशी विद्यापीठ परिसर पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। वीडीए की ओर से जारी पक्ष में बताया गया कि  रोप-वे परियोजना के लिए काशी विद्यापीठ के अंतर्गत किसी भी भवन के ध्वस्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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प्रस्तावित टावर की ऊंचाई अत्यधिक होने के कारण मौजूदा भवनों तथा अन्य प्रस्तावित भवनों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।  वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि इस परियोजना से काशी विद्यापीठ के दूर दराज के छात्रों को स्टेशन से सीधा आवागमन की सुविधा प्रदान होगी।

भारत माता मंदिर परिसर में बनेगा  स्टेशन
साथ ही भारत माता मंदिर परिसर में भी किसी पूर्व निर्माण को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि बाहर खाली पड़े पार्किंग क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा जो मंदिर मुख्य द्वार से थोड़ा हटके है।

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स्टेशन भवन न्यूनतम क्षेत्रफल में खुले स्थान पर प्रस्तावित है, जिसकों नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद ही प्रयोग किया जाएगा। स्टेशन भवन के अतिरिक्त रोप-वे के लिए प्रस्तावित टावर्स के लिए न्यूनतम भूमि का प्रयोग किया जाएगा। 

काशी विद्यापीठ को बचाने के लिए करेंगे संघर्ष
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर की भूमि में छह टावर और एक स्टेशन बनाने के विरोध में छात्रनेताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संदीप यादव के नेतृत्व में छात्रनेताओं ने ज्ञापन सौंपकर रोपवे के कारण विश्वविद्यालय परिसर का स्वरूप समाप्त होने का विरोध किया। कहा कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए वह संघर्ष करेंगे।
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छात्र नेताओं ने कहा किविश्वविद्यालय का परिसर बहुत ही कम क्षेत्रफल में है। विश्वविद्यालय परिसर में रोपवे स्टेशन बन जाएगा तो शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संदीप कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय हमारा गौरव है। उसके अस्तित्व से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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