424 करोड़ आएगी लागत
पांच किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर खर्च होने वाले 424 करोड़ रुपये का पूरा खाका भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने तैयार कर दिया है। यहां बता दें कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट भेजने के लिए 15 सितंबर की समयसीमा तय की गई थी, मगर दोबारा सर्वे के प्रस्ताव के बाद अब सितंबर के अंतिम सप्ताह तक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार वहन करेंगे खर्च
रोपवे परियोजना पर आने वाले खर्च पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बन चुकी है। इसमें 80 फीसदी अंशदान केंद्र सरकार का और 20 फीसदी राज्य सरकार का होगा। विकास प्राधिकरण पूरी परियोजना की नोडल एजेंसी के रुप में नामित हो सकती है। फिलहाल सर्वे रिपोर्ट के बाद वैपकास और वीडीए के बीच संसाधनों की उपलब्धता के लिए एग्रीमेंट होगा।
मेट्रो का विकल्प बन सकता है रोपवे
कंप्रेहंसिव मोबिलिटी प्लान में वाराणसी में मेट्रो, लाइट मेट्रो और टायर मेट्रो का प्रस्ताव है। मगर, संकरी गलियों में ज्यादा तोड़फोड़ और कई गुना ज्यादा खर्च के चलते मेट्रो परियोजना गति नहीं पकड़ रही है। अगर रोपवे का पायलट प्रोजेक्ट सफल हुआ तो वाराणसी की संकरी गलियों में रोपवे मेट्रो का विकल्प बन जाएगा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि वैपकॉस कंपनी की ओर से सर्वे पूरा कर लिया गया है और हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के बाद वैपकास से करार किया जाएगा और फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।