उस मामले में नीलेश का भी नाम शामिल था। हालांकि बिहार पटना निवासी नीलेश को एसटीएफ गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। पुलिस को आशंका है कि वही नीलेश अब पीके की भूमिका में है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि वह कई फर्जी आईडी और अन्य कई दस्तावेज के सहारे विभिन्न शहरों में रह रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पीके उर्फ नीलेश के नेपाल में शरण लेने की प्रबल संभावनाएं हैं। पुलिस यह पता करा रही है कि कहां-कहां उसके बैंक खाते हैं ताकि उसको सीज कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जा सके। इस मामले में बिहार पुलिस से भी समन्वयक स्थापित किया जा रहा है।
12 सितंबर को पुलिस ने सारनाथ के सोनातालाब स्थित केंद्र से हिना विश्वास बनकर परीक्षा दे रही सॉल्वर जूली कुमारी और उसकी मां बबिता को गिरफ्तार किया था। इसके बाद भाई अभय प्रकाश, केजीएमएयू के डॉ. ओसामा शाहिद, खगड़िया बिहार निवासी विकास महतो, फोटो शापर रवि कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं हिना विश्वास और उसके पिता गोपाल विश्वास की तलाश में एक टीम त्रिपुरा में दबिश दे रही है।
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में सामने आया कि पीके उर्फ नीलेश की लखनऊ, नई दिल्ली, पटना और बंगलूरू में कई फ्लैट हैं। जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उसके गिरोह के कुछ युवक व युवतियां रहते हैं। पीके उन्हें सैलरी के तौर पर रखता है और ऐशो-आराम की भी सुविधाएं मुहैया कराता है। जब कोई बड़ी डील होती है तो युवक व युवतियों को महंगे होटल और बार में ले जाकर पार्टी भी दी जाती है। कई बार विदेश घूम आए पीके उर्फ नीलेश के बारे में पुलिस और पुख्ता जानकारियां जुटा रही है।