दशाश्वमेध घाट पर गोंडोला के बाहर माैजूद कांवड़िया।
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14 जुलाई से शुरू हुआ परीक्षण का काम लगभग एक महीने में पूरा होगा। 90 गोंडोला को चलाकर परीक्षण किया जाएगा। कमीशनिंग का पूरा काम ऑस्ट्रिया की लाइटनर कंपनी के इंजीनियरों की टीम की ओर से किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण रोपवे संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। सुरक्षा के सभी मानकों के जांच के बाद ही रोपवे का संचालन सुनिश्चित होगा। काशी आने वाले पर्यटकों को प्रदूषण रहित परिवहन की अच्छी सुविधा मिल सके। इसके लिए रोपवे का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।
वाराणसी में निर्माणाधीन रोपवे का गोंडोला।
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16 घंटे होगा रोपवे का संचालन
रोपवे का संचालन 16 घंटे होगा। पहले सेक्शन में रोपवे का पहला स्टेशन, कैंट रोपवे स्टेशन, दूसरा विद्यापीठ स्टेशन और तीसरा स्टेशन रथयात्रा होगा। दूसरे सेक्शन रथयात्रा से गोदौलिया तक कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके पूर्ण होने बाद कैंट से गोदौलिया तक हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल में यात्रियों को गोंडोला उपलब्ध रहेगा।
एक दिशा में एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे। यानि 6,000 लोग दोनों दिशा से एक घंटे में आ जा सकेंगे। गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने में लगभग 16 मिनट लगेगा। लगभग 148 ट्रॉली कार चलेगी। एक ट्रॉली में 10 पैसेंजर सवार हो सकते हैं।