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BHU: आचार्य के पहले राउंड में ही 83 का प्रवेश, 2024 के सभी चरण में सिर्फ 93 दाखिले; बढ़ी अभ्यर्थियों की संख्या

Thu, 24 Jul 2025 05:47 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आचार्य पाठ्यक्रम की काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। माना जा रहा है कि एकेडमिक काउंसिल के फीस घटाने के निर्णय से यह प्रभाव पड़ा है।
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बनारस हिंदी विश्वविद्यालय। - फोटो : X (@bhupro)
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विस्तार
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बीएचयू के सत्र 2025-26 में आचार्य पाठ्यक्रम में अब तक दो चरण की काउंसिलिंग में 90 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दाखिला ले लिया है। जबकि पिछले साल तो आचार्य में कुल मिलाकर 93 एडमिशन ही हो पाए थे। इस लिहाज से देखा जा रहा है कि इस बार इस संकाय की 400 सीटों में से करीब 150 से सीटें भरी जा सकती हैं।

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इस संकाय में इतनी संख्या में प्रवेश होना बड़ी बात है क्योंकि सामान्य जाति वर्ग को छोड़कर बाकी ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के बेहद कम ही अभ्यर्थी यहां पर प्रवेश लेते हैं। इस संकाय के आठ विभागों की ओर से कुल 23 विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। आचार्य के कुल 20 कोर्स चलाए जाते हैं। पहले राउंड की काउंसिलिंग में 83 और दूसरे राउंड में सिर्फ सात ही प्रवेश हुए।

संकाय के प्रोफेसरों का मानना है कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया पिछले वर्ष से थोड़ा पहले ही हो गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को प्रवेश मिल गया है। वहीं बीएचयू की एकेडमिक काउंसिल की ओर से सिर्फ एकमात्र पीजी कोर्स आचार्य की फीस बढ़ाने के बजाय घटा दी गई थी।

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हर सेमेस्टर की फीस सिर्फ 1000
आचार्य कोर्स के लिए हर वर्ष की फीस 4462 रुपये जमा करनी पड़ती थी, लेकिन इस बार 462 रुपये घटाकर 4000 रुपये कर दी गई थी। अब दो वर्ष के कुल चार सेमेस्टरों में 1000-1000 रुपये की आसान किस्तों में फीस जमा करनी होगी। हालांकि इस संकाय में पेड सीटों की फीस प्रति सेमेस्टर 2500 रुपये और दो वर्ष में कुल 10 हजार रुपये देने होंगे।

ज्योतिष, व्याकरण, साहित्य, वेद की सभी कक्षाएं फुल
संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में कुल नौ विभाग हैं। इसमें वेद विभाग, व्याकरण विभाग, ज्योतिष विभाग, साहित्य विभाग, धर्मशास्त्र मीमांसा, धर्मागम विभाग और जैन-बुद्ध दर्शन विभाग शामिल हैं। इस संकाय के प्रोफेसरों का मानना है कि ज्योतिष, व्याकरण, साहित्य, वेद विभाग में प्रवेश लेने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। इसमें सामान्य की एक भी सीट खाली नहीं रह जाती। सेंट्रल एडमिशन कमेटी के चेयरमैन प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि बीएचयू में धर्मशास्त्र की पढ़ाई को लेकर देश भर के युवाओं में भरोसा बढ़ा है।
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