रोडवेज बसों में यात्री सुविधाओं का टोटा है। यात्रा के दौरान चालकों-परिचालकों से शिकायत करने पर यात्रियों से दुर्व्यवहार करते हैं। स्कैनिया, वाल्वो व जनरथ बसों में यात्रियों को पानी का बोतल नहीं मिल रहा तो वहीं अनाधिकृत ढाबे पर बसों को रोक रोडवेज नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। आनलाइन शिकायत करने पर भी संबंधित दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सभी आदेशों को दरकिनार कर चालक-परिचालक बसों को दौड़ा रहे हैं। रोडवेज विभाग का आदेश है कि स्कैनिया, वाल्वो व जनरथ बसों में यात्रियों को पानी का एक बोतल दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पानी का बोतल मांगने पर यात्रियों को नहीं दिया जाता है। सुरक्षा के नाम पर शून्य रोडवेज बसों में चिकित्सा का कोई इंतजाम नहीं है। बसों के अंदर से फर्स्ट एड बाक्स तक गायब है। कुछ बसों में बाक्स हैं भी तो उनमें फर्स्ट एड की दवाएं मौजूद नहीं हैं। आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को बस रुकवाकर मेडिकल स्टोर या क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है।
शिकायत पर भी नहीं होती कार्रवाई
रोडवेज से सफर करने वाले यात्रियों की समस्याओं और असुविधाओं के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001802877 जारी किया गया है। यात्रियों की ओर से उस पर शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं लेकिन रोडवेज के संबंधित अधिकारियों की ओर से बहुत प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है। चेतावनी देना और 100 रुपये जुर्माना लगाकर ही कार्रवाई को अंजाम दे दिया जाता है। रोडवेज की अधिकतर बसों में दर्ज टोल फ्री नंबर भी मिटा दिए गए हैं। स्टेशन पर बस पहुंचने पर यात्रियों को जल्दी शिकायत पुस्तिका भी नहीं दी जाती है।
केस-वन
फिरोजाबाद निवासी संजीव सैनी ने शिकायत दर्ज कराई कि स्कैनिया बस संख्या यूपी 41- 4692 में पानी बोतल नहीं दिया गया। परिचालक से पूछने पर दुर्व्यवहार किया गया। हेल्पलाइन पर आई शिकायत का निस्तारण करते हुए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने परिचालक सुरेंद्र बहादुर सिंह व चालक जय सिंह को चेतावनी देते हुए सौ रुपये का जुर्माना लगाया।
केस-टू
पिंडरा निवासी दीपक सिंह 31 अक्तूबर को गोपीगंज से बस संख्या यूपी 65- 7616 में सवार हुए। कुछ दूर चलने के बाद चालक ने पांडेय ढाबा पर बस रोक दी। दीपक ने बस रोकने का कारण पूछा और ट्रेन छूटने का हवाला दिया तो परिचालक द्वारा गालीगलौज किया गया। दीपक ने हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है।
टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने पर सीधे मुख्यालय से संबंधित परिचालकों व चालकों पर कार्रवाई की जाती है।- केेके शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक , बनारस मंडल रोडवेज