वाराणसी। कोरोना काल से हुए लॉकडाउन के करीब ढाई माह बाद सोमवार की सुबह रोडवेज बसों ने रफ्तार भरी। पहले दिन ही काशी से संगम का नाता जुड़ा। कैंट बस स्टेशन से 35 यात्रियों को लेकर रोडवेज की बस हर-हर महादेव के उद्धघोष के बीच सुबह 7 बजे प्रयागराज के लिए रवाना हुई। बस में चढ़ते ही परिचालक राजकुमार ने अपने बैग से सैनिटाइजर निकाला और बस में बैठे सभी यात्रियों को सैनिटाइज किया। सभी यात्री मास्क और गमछे से मुंह को ढके हुए थे। यात्री जब बस में सवार हुए तो किसी ने सेल्फी ली तो कोई खुद की वीडियो बनाकर इस लम्हे को यादगार बनाना चाहा।
कोरोना का खौफ भी यात्रियों में रहा, लेकिन मंजिल तक पहुंचने की बेताबी भी बहुत रही। चौधरी चरण सिंह बस स्टेशन पर सुबह 6 बजे ही पीपीई किट में फिट कर्मचारी डट गए। स्टेशन परिसर में की गई बैरिकेडिंग के बाहर पुलिसकर्मियों और क्यूआरटी मुस्तैद रही। 6 बजे के बाद यात्रियों का आवागमन शुरू हुआ। यात्रियों की आवाजाही के लिए साइकिल स्टैंड के बीच से बैरिकेडिंग करते हुए स्टेशन परिसर के लिए द्वार बनाया गया है। जहां रोडवेज कर्मियों ने यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की।
26 बसों से 762 ने किया सफर
पहले दिन 26 बसों से लगभग 762 यात्रियों ने विभिन्न जनपदों के लिए आवागमन किया। इसमें प्रयागराज, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, शक्तिनगर, जौनपुर, विंध्यनगर के यात्री रहे। व्यवस्थाओं को बनाए रखने और मुख्यालय को अपडेट देने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय पूरे दिन मौजूद रहे। साथ में बसों की उपलब्धता को लेकर ग्रामीण डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक केके ओझा, कैंट के एआरएम डीएस सिंह, प्रमुख यातायात अधीक्षक अरविंद मिश्रा आदि कर्मचारी भी डटे रहे।
खुल गए स्टाल, बिका सिर्फ बिस्किट
-पानी यात्रियों की सुविधाओं को लेकर स्टेशन के फूड स्टाल भी खोल दिए गए हैं। पहले दिन सिर्फ पानी और बिस्किट की ही बिक्री हुई। यहां कर्मचारी मास्क और ग्लब्स लगाए मिले। आरएम एसके राय ने बताया कि स्टालों पर सिर्फ पैक्ड फूड की ही बिक्री की जाएगी।
सिटी बसों को नहीं मिले यात्री
कैंट रोडवेज बस स्टेशन से संचालित सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की बसों को यात्री ही नहीं मिले। सुबह से दोपहर तक महज 3 बस ही निकलीं। उसमें भी किसी में 10 यात्री तो किसी में 20 यात्री सवार रहे। यात्रियों की कमी को देखते हुए दोपहर बाद बसों का संचालन बंद कर दिया गया। काशी डिपो का भी यही हाल रहा।