मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी तय तिथि तक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि शहर में महकमे के कामकाज का रिकार्ड देखें तो सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की संभावना सिरे चढ़ते नहीं दिखती है। पूर्व में भी मंत्रियों से लेकर अधिकारियों ने कई बार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की अंतिम तिथि दी थी लेकिन हर बार विभाग किसी न किसी बहाने पल्ला झाड़ता रहा है।
गोल गडडा, लोहता, फुलवरिया, चौका घाट, बौलिया समेत कई सड़कें खस्ताहाल हैं। इन सड़कों को 2016 में नवंबर माह में पूरा करना था। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। चौका घाट से राज घाट पर पर सीवर लाइन की पाइप डालने के काम का बहाना बताकर विभाग लंबे समय से इसे दुरुस्त नहीं करा पाया। इसी प्रकार लोहता और फुलवरिया की सड़कों को चौड़ीकरण के आड़ में काम नहीं किया। जिलेे में पीडब्ल्यूडी की 2347 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें जर्जर हो चुकीं 115 किलोमीटर सड़कें नए सिरे से बनाई जाएगी। इसके लिए 18.34 करोड़ का प्रस्ताव विभाग ने तैयार कर लिया है। बाकी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का प्रस्ताव लेकर अधिकारी लखनऊ गए थे जहां सड़कों की मरम्मत को लेकर पर चर्चा हुई और दिशा-निर्देश्ा दिए गए।
सड़कों की मरम्मत का काम 15 अप्रैल से युद्धस्तर पर शुरू होगा। लखनऊ की बैठक से लौटने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि योगी सरकार की मंशा है कि 15 जून तक सभी सड़कें दुरुस्त करा ली जाएं। इस पर खर्च होने वाली धनराशि जल्द से जल्द संबंधित जिलों को मिल जाएगी। बैठक में टेंडर की प्रक्रिया तेज कर गुणवत्तायुक्त काम कराने पर जोर दिया गया है। सभी विभागों के अधिकारियों को अपनी सड़कों की वर्तमान हालत और 15 जून तक बनने के बाद की स्थिति की तुलनात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया है। खराब काम कराने वाले ठेकेदारों को चिह्नित कर उनसे काम न कराने की हिदायत दी गई है। कहा गया कि बारिश से पहले सड़क बनानी है।