सारनाथ में लोगों को समझाती पुलिस
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अशोक की माता दुर्गावती देवी, पत्नी रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने शव को घर नहीं ले जाने दिया। घर से लगभग चार किलोमीटर दूर आशापुर चौराहे पर ही लाने का फैसला किया। आशापुर चौराहे से ले ले जाकर सरायमोहाना घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बड़े पुत्र सूरज ने मुखाग्नि दी। अशोक साड़ी का कारोबार करता था।