मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के हथिया फाटक मोहल्ले में सोमवार की सुबह रिटायर्ड दरोगा के घर से एक माह से मृत बेटी का शव निकाला गया। रिटायर्ड दरोगा और उनकी पत्नी बेटी को जिंदा मानकर शव रखे हुए थे।
अलीगढ़ से आए दोनों बेटे शव दफनाने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान दुर्गंध के चलते लोगों को घटना की जानकारी हुई। पुलिस के मुताबिक रिटायर्ड दरोगा, उसकी पत्नी मनोरोगी हैं। बेटी भी मनोरोगी थी, मृत्यु कैसे हुई इसका खुलासा अब पोस्टमार्टम से होगा।
क्षेत्र के हथिया फाटक निवासी दिलावर खान 2015 में आरटीसी चुनार से एसआई पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह मकान में पत्नी, अविवाहित पुत्री जीनत (30) के साथ रहते थे। दो पुत्र अनवर हुसैन और आफताब हुसैन अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे थे।
तीन साल से वे घर नहीं आए थे। एक माह पूर्व मोहल्ले वालों ने पुलिस से शिकायत की थी कि दिलावर के मकान से दुर्गंध आ रही है। मोहल्ले वालों ने घर में शव होने की आशंका जताई थी।