आग में जलने से घर पूरी तरह राख हो गया।
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में चूल्हे की चिनगारी से झोपड़ी में आग लग गई। आग में 12 साल की बच्ची झुलस गई। परिजन बच्ची को अस्पताल ले जाने ही वाले थे कि उसी दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के जीराबस्ती के पुरवा नोन्हिया छपरा गांव में गांव में चूल्हे की चिनगारी से जयकृष्ण यादव की झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी में रखे तीन सिलिंडरों में एक के फटने के बाद पड़ोसी लालकृष्ण यादव की भी झोपड़ी में आग लग गई और आग में घिरने से झुलसी श्वेता (12) की मौत हो गई।
बच्ची, मौसी की शादी में ननिहाल आई थी। आग की घटना में गृहस्थी के सामान के साथ ही रुपये, जेवरात आदि जलकर नष्ट हो गए। दो मवेशी भी झुलस गए। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया। अगलगी की घटना में दो परिवारों के सदस्य खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
नगरा थाना क्षेत्र के खलसापुर निवासी मनोज यादव की पुत्री श्वेता कक्षा सात की छात्रा थी। वह जीराबस्ती के पुरवा नोन्हिया छपरा निवासी जयकृष्ण के यहां अपनी मौसी सुमन पुत्री जयकृष्ण की शादी में शामिल होने आई थी। सुमन की शादी 15 जून को हुई। रिश्तेदार अभी विदा नहीं हुए थे। रविवार शाम सात बजे भोजन बनाते समय चूल्हे की चिंगारी से जयकृष्ण यादव की झोपड़ी में आग लग गई। अभी कोई कुछ समझ पाता कि आग ने विकराल रूप ले लिया। इस दौरान झोपड़ी में रखे तीन सिलेंडर भी आग की जद में आ गए।
यह देखकर जयकृष्ण के परिवार में खाना बना रही महिलाएं और लड़कियां भाग कर पड़ोसी लालकृष्ण यादव की झोपड़ी में चली गईं। इतने में ही एक सिलेंडर अचानक फट गया जिससे लालकृष्ण यादव की झोपड़ी भी आग की चपेट में आ गई। लालकृष्ण की झोपड़ी में मौजूद महिलाएं आग से बचने के लिए भागने लगी लेकिन ननिहाल में आई श्वेता आग से घिरकर गंभीर रूप से झुलस गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर श्वेता के घर खलसापुर गांव में भी कोहराम मच गया। श्वेता की मौत से नोन्हिया छपरा गांव में भी मातम छा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।