जौनपुर जिले के एक गांव में आबादी की जमीन के विवाद में छह वर्ष पूर्व सगे भाई की हत्या करने के मामले में सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी को आजीवन कारावास की सजा हुई है। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम शाजिया नजर जैदी ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सुभाष सिंह निवासी बहरीपुर थाना जलालपुर ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह सपरिवार शहर में रहता था। उसके पिता अकेले गांव में रहते थे। खाने पीने का इंतजाम चचेरे भाई के परिवार द्वारा किया जाता था। 28 मई 2012 को वादी के पिता शिवपूजन सिंह खाना खाकर पंपिंग सेट पर चारपाई पर सोए थे।
आबादी की जमीन के विवाद में करीब बारह बजे रात शिवपूजन का भाई शंभूनाथ शराब के नशे में धुत्त था। वायुसेना से सेवानिवृत्त शंभूनाथ गड़ासा लेकर आया था। उसने शिवपूजन पर हमला कर दिया। वार रोकने में शिवपूजन की अंगुलियां कट गईं। इसके बाद भी वह प्रहार करता रहा, जिससे शिव पूजन के सिर व गले में गंभीर चोटें आईं।
महेंद्र, प्रहलाद, उर्मिला आदि ने पंपिंग सेट पर जल रहे बल्ब की रोशनी में वारदात को देखा। लोगों को देख आरोपी भाग गया। शिवपूजन ने चिल्लाकर कहा कि शंभूआ ने मारा। शिवपूजन को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी अली अरशद ने गवाहों को परीक्षित कराते हुए अभियोजन पक्ष से पैरवी किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी शंभूनाथ को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।