वाराणसी में लहरतारा रेल ओवरब्रिज के नीचे रहने वाले रिंकू भारती उर्फ कुनाल सिंह के मकान में बुधवार की दोपहर जबरदस्त धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इसके साथ ही मकान के पहली मंजिल का हिस्सा ढह गया और आसपास के तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
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हादसे में पड़ोसी मेवालाल गुप्ता (56) व इलाहाबाद के शाहिद उर्फ सलीम (45) की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। धमाके की वजह रिंकू के मकान में अवैध तरीके से रखे और बनाए जा रहे पटाखों में छोटे गैस सिलेंडर को जलाने के दौरान लीकेज के कारण लगी आग बताई गई है। हादसे के बाद रिंकू अपने भाई टिंकू के साथ लापता हो गया और पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी है।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत लहरतारा निवासी रिंकू ने घर पर ही कॉस्मेटिक और प्लास्टिक आइटम की दुकान खोल रखी है। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि दीपावली पर वह पुलिस की मिलीभगत से अवैध तरीके से पटाखे बेचता था। मंडलीय अस्पताल पहुंची रिंकू की बहन सुनीता (35) ने बताया कि परिवार के लोग मंदिर जाने की तैयारी में थे। 12 बजे के लगभग उसकी भाभी सल्लू चाय बनाने के लिए छोटा गैस सिलेंडर जला रही थी, तभी तेज धमाका हुआ और उसके बाद उसने खुद को अस्पताल में पाया।
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पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंचने से पहले ही धमाके में रिंकू के किरायेदार मजदूरी करने वाले शाहिद उर्फ सलीम की मौके पर ही मौत हो गई थी। पड़ोसी मेवालाल की उपचार के दौरान शाम पांच बजे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाहर निकाल कर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराए गए रिंकू के दूसरे किरायेदार मुगलसराय निवासी आरिफ (45) की हालत बेहद नाजुक बताई गई है।
आरिफ सौ प्रतिशत झुलस गया है। वहीं, मंडलीय अस्पताल से सुनीता ने खुद को डिस्चार्ज करा लिया, जबकि बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में रिंकू की बेटी विधि (1) भर्ती है। रिंकू की मां तारा देवी (55), भांजी सिंकी (12) के अलावा पड़ोस की निर्मला देवी (38) और इंदू देवी (50) को मामूली चोट आई हैं।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यही समझ में आया है कि छोटे गैस सिलेंडर में लीकेज से आग लगी और धमाका हुआ है। कहीं से ऐसा नहीं प्रतीत हुआ कि पटाखे में आग लगने के कारण धमाका हुआ है। फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट का इंतजार है और मामले की तह तक जाने के लिए भवन स्वामी की तलाश कराई जा रही है।
अनहोनी की आशंका में लोग ठिठके
घायल
- फोटो : amar ujala
रिंकू के घर में जिस समय धमाका हुआ उस दौरान लहरतारा रेल ओवरब्रिज से वाहन लेकर गुजरने वाले किसी अनहोनी की आशंका से जहां के तहां ठहर गए। उन्हें लगा कि बम धमाका हुआ है। नरिया निवासी स्कूटी सवार अमरेंद्र शंकर उपाध्याय ने बताया कि वह लहरतारा से कैंट की ओर जा रहे थे। धमाका हुआ तो लगा कि पुल उड़ गया है। कुछ देर बाद समझ में आया कि नीचे किसी मकान में धमाका हुआ है।
लहरतारा निवासी बाइक सवार मनीष सिंह ने कहा कि थोड़ी देर तक किसी को कुछ समझ में नहीं आया। रिंकू के घर के अगल-बगल के लोग चीखे तो लगा कोई अनहोनी हुई है। दुर्गाकुंड निवासी व्यापारी मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि वह स्कूटी से लहरतारा चौराहा होते हुए दुकान पर जा रहे थे।
धमाका हुआ तो मारे डर के स्कूटी अनियंत्रित हो गई। कुछ देर तक खड़े रहे और फिर पुल के नीचे लोगों का शोर सुना तो जानकारी हुई। शिवदासपुर निवासी अवधेश पटेल ने बताया कि वह लहरतारा से कैंट की ओर जा रहे थे। धमाका सुनाई देते ही उन्होंने बाइक का ब्रेक लगाया और किसी तरह से खुद को संभाला।
एनडीआरएफ के जवानों ने चार घंटे तक चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
80 जवानों की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंची
- फोटो : अमर उजाला
धमाके के बाद पुलिस की सूचना पर एक घंटे बाद लगभग एक बजे 11 एनडीआरएफ के कमांडेंट कौशलेश राय के नेतृत्व में 80 जवानों की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंची। राहत कार्य शुरू होने के लगभग डेढ़ घंटे बाद गंभीर रूप से झुलसे आरिफ को मलबे से बाहर निकाल कर मंडलीय अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान आरिफ कराह रहा था।
इसके बाद हाई रिजुल्यूशन कैमरों की मदद से मलबे के नीचे देखा गया कि कहीं कोई और तोे नहीं दबा है। लगभग चार घंटे बाद शाम पांच बजे एनडीआरएफ के अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनका काम खत्म हो गया है।
इसके बाद बुल्डोजर ने रिंकू के मकान के सामने की गुमटियां ढहाईं और पेड़ की टहनियां तोड़ीं। पूरे मलबे को एक किनारे किया। इस दौरान सिविल डिफेंस के वार्डेन श्रीप्रकाश सिंह अपने स्वयंसेवी साथी मंगला प्रसाद व अन्य के साथ दोपहर से देर शाम तक भीड़ को नियंत्रित करने और राहत कार्य में जुटे रहे।
धमाके के बाद बंद कर दी गई थी बिजली आपूर्ति
रिंकू के घर में धमाके के बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। राहत और बचाव कार्य के दौरान विज्ञापन होर्डिंग नीचे गिराते समय शाम छह बजे के लगभग बिजली का एक खंभा उखाड़ दिया गया और इंसुलेटेड केबल काट दी गई। इस वजह से लहरतारा और आसपास के क्षेत्र में रात भर बिजली गुल रही। अधिकारियों ने बताया कि केबल जोड़ने के बाद ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।
छोटे से मकान पर भारी-भरकम विज्ञापन की होर्डिंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिंकू के मकान की चौड़ाई लगभग 12 फीट से थोड़ी ज्यादा हैै और लंबाई चौड़ाई से ढाई गुना ज्यादा होगी। छोटे से मकान में कुंतलों वजनी लोहे के एंगल के सहारे विज्ञापन की होर्डिंग टंगी हुई थी। धमाका होते ही प्रथम तल पर लगी होर्डिंग पाये के साथ उखड़ कर हवा में लटक गई। घर के सामने से गुजरे बिजली के तारों के सहारे होर्डिंग टिक गई थी। यदि वो नीचे गिरती तो कई और लोगों की भी जान जाती।
वहीं, चर्चा यह भी रही कि धमाके के कारण ईंट के सहारे टिकाए गए विज्ञापन होर्डिंग के लोहे के पाये अपनी जगह से हिल गए और अनियंत्रित होकर गिरे। होर्डिंग का वजन पहला तल नहीं सह पाया और ढह गया। वहीं, इसके लिए नगर निगम को भी स्थानीय लोगों ने दोषी ठहराया। कहना था कि आखिरकार छोटे से मकान में इतनी बड़ी होर्डिंग कैसे गिरी हुई थी।
रेल ओवरब्रिज पर उमड़ी भीड़, नीचे आवागमन ठप
लहरतारा निवासी रिंकू के मकान में धमाके के बाद लहरतारा रेल ओवरब्रिज पर तमाशबीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। लहरतारा आरओबी पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। आरओबी के नीचे के मार्ग पर भीड़ होने की वजह से दोपहर से शाम तक आवागमन बाधित रहा। हालांकि शाम के समय रोजाना की ही तरह आरओबी के नीचे सब्जी के ठेले और दुकानें पहले की भांति सज गईं।
धमाके के बाद लहरतारा आरओबी के ऊपर और नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। लोग फोटो खींचने और वीडियो बनाने में लगे थे। इससे एनडीआरएफ और पुलिस को राहत और बचाव कार्य में खासी दिक्कतें आ रही थी। पुलिस और पीएसी के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से भीड़ को नियंत्रित कर किनारे किया तो रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
लहरतारा में विस्फोट की सूचना मिलने के साथ ही एसएसपी आनंद कुलकर्णी 12 थानों की फोर्स, तीन क्षेत्राधिकारियों, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, स्वाट टीम और एक कंपनी पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर बाद आईजी रेंज विजय सिंह मीना और उनके बाद डीएम सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे।