वाराणसी। रात्रि कर्फ्यू से रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले ये 11-12 बजे तक खुले रहते थे। अब इन्हें 8.30 तक बंद करना होता है। ऐसे में कारोबार में गिरावट शुरू हो गई है। कारोबारियों को सूझ नहीं रहा है कि वह खर्च कैसे निकाले और कर्मचारियों को वेतन कैसे दें। सबसे ज्यादा दिक्कत किराए को लेकर है।
8 अप्रैल से लगे रात्रि कर्फ्यू के चलते 9 बजे ही शहर में सन्नाटा पसर जाता है। रात तो दूर अब लोग दिन में भी रेस्टोरेंट और होटलों से दूरी बना रहे हैं। सबसे ज्यादा बार एंड रेस्टोरेंट संचालकों की हालत खराब हो गई है। रात तक गुलजार रहने वाले बार 9 बजे ही बंद हो रहे हैं। मलदहिया, सिगरा, रथयात्रा, लंका, अस्सी, वरुणा पार इलाकों में बार के शटर गिर जा रहे हैं। सिगरा में बार एंड रेस्टोरेंट संचालक गुड्डू जायसवाल ने बताया कि कोरोना से बचाव बेहद जरूरी है। दूसरी लहर की वजह से कारोबार चौपट हो चुका है। अब खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
वाराणसी रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के सदस्य रोहित पाठक ने बताया कि 300 से अधिक रेस्टोरेंट की स्थिति रात्रि कर्फ्यू से खराब हो गई है। कर्मचारियों को वेतन देने में दिक्कत हो रही है। लोग यहां आने से भी कतराने लगे हैं। होम डिलिवरी की मांग बढ़ी है, लेकिन कर्फ्यू से अब वह भी एकदम ठप है।