बीएचयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं की टीम ने कवक के तीन अनोखे वंशजों की खोज की है। कवक के यह नए जींस नियोएसर्वूलीसेप्टोरिया, नियोसरकोस्पोरेला और नियोरेमुलेरियोप्सिस हैं। यह शोध कार्य जर्मनी की जर्मन माइकोलॉजिकल सोसायटी की प्रतिष्ठित पत्रिका माइकोलॉजिकल प्रोग्रेस में प्रकाशित हुआ है। बीएचयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डाॅ. राघवेन्द्र सिंह एवं उनकी शोधकर्ताओं की यह खोज पूरे विश्व के लिए अहम है। इस वर्ग के हायलाइन कवकों द्वारा रूबेलिन मेटाबोलाइट्स (हृदय रोग के लिए एक दवा) का उत्पादन करने की क्षमता पाई जाती है। इस पर शोध भी चल रहा है। इससे पता चलता है कि यह समूह जैव तकनीकी के क्षेत्र में एवं फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज में कार्य करने वाले वैज्ञानिक के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।