महाराष्ट्र में बच्चों में होने वाली बीमारी चांदीपुरा वायरस के कारणों का पता लगाने में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वैज्ञानिकों की टीम को सफलता मिली है। मॉलिक्यूलर बायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुनीत कुमार सिंह के निर्देशन में हुए शोध में पता चला है कि वायरस से मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।
बीमारी के कारणों का पता लगने के बाद ही इससे बचाव के लिए दवा बनाने और वैक्सीन बनाने में आसानी होगी। यह शोध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल्स जनरल ऑफ बायोमेडिकल साइंस में हाल ही में प्रकाशित भी हो चुका है। मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के प्रो. सुनीत सिंह के अनुसार, चांदीपुरा वायरस के प्रभाव से मस्तिष्क में सूजन होने लगती है जो कि आगे चलकर घातक हो जाती है।
चांदीपुरा वायरस के लक्षण
मस्तिष्क में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती हैं। मस्तिष्क में संक्रमण होने पर इन कोशिकाओं में इन्फ्लैमेशन की वजह से सूजन हो जाती है और इनके कार्य प्रणाली में भी बदलाव देखने को मिलता है। चांदीपुरा वायरस के संक्रमण से तीव्र बुखार, उल्टी, ऐंठन एवं अन्य मस्तिष्क की विकृतियों जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं जिसके कारण मरीजों में इन्सेफेलाइटिस जैसे लक्षण प्रकट होना शुरू हो जाते हैं।
पढ़ेंः काशी की 75 अज्ञात विभूतियों को सम्मानित करेगा बीएचयू, राष्ट्र निर्माण में निभाई भूमिका