यह एक्सपो भारतीय एमएसएमई व वैश्विक प्रतिभागियों के लिए एक बेहतरीन नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इस एक्सपो में नए उत्पादों, प्रौद्योगिकियों व सेवाओं का शुभारंभ होगा, जो भारत की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को रेखांकित करेगा।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव राजेश भाटिया ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समर्थित औद्योगिक प्रदर्शनी है, जो सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए स्टॉल शुल्क की 80 से 100 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति प्रदान करेगा।
साथ ही ओडीओपी और एमडीए योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ,खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार और यूपीनेडा आदि सेबी समर्थन प्राप्त है। इस एक्सपो में असम सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
बिल्ड भारत एक्सपो 2025 के पूर्वांचल के कन्वीनर दीपक बजाज ने बताया कि इस प्रदर्शनी में उद्योग विकास, नवाचार, स्थिरता और प्रौद्योगिकी अपनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए सेमिनार, पैनल चर्चा व बीटूबी इंटरेक्शन आयोजित किए जाएंगे।
आईआईए वाराणसी के डिवीजनल चेयरमैन अनुपम देवा ने कहा कि 25 देशों के प्रतिनिधि मंडल शामिल होंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सहयोग के अवसर पैदा होंगे, उद्योग जगत के लीडरों, नीति निर्माताओं उद्यमियों सहित 15000 से अधिक घरेलू बिजनेस विजिटरों की मौजूदगी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शकों को अपने बाजारों और उत्पादों को विस्तार करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगी।
बैठक में शिव प्रशांत अग्रवाल, मनीष कटारिया, नीरज पारिख, गौरव गुप्ता, राहुल मेहता, यूआर सिंह, राजकुमार शर्मा, पंकज अग्रवाल, अनुज डीडवानिया, अजय जायसवाल, अंजनी कुमार सिंह, उमंग गुप्ता, बृजेश केसरी आदि आदि रहे।