पुल के जिस स्पान में खराबी आई थी। वहां पर मशीन लगाकर लोड वाहन खड़ा किए बिना, फिर लोड वाहन खड़ा करके, फिर लोड वाहन हटने के बाद की स्थित की जांच की गई। जांच के बाद टीम चली गई। एक सप्ताह में 31 मार्च तक रिपोर्ट आना था, जिसमें देरी हुई। रिपोर्ट तो आ गई है, पर अभी तक शास्त्री पुल से कितने टन के वाहन गुजर सकेंगे। उस पर फैसला नहीं हो सका है। लोड टेस्टिंग के बाद 15 टन के वाहन के आवागमन की छूट थी। जिसे रिपोर्ट आने के बाद बढ़ाया जाएगा।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि टीम ने जांच रिपोर्ट दे दिया है। रिपोर्ट लेकर लखनऊ मुख्यालय गए हैं। वहां पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक होना है। बैठक में पुल पर रिपोर्ट के आधार पर लोड निर्धारण पर फैसला किया जाएगा। अधिकतम एक सप्ताह में पुल पर कितने लोड के वाहन गुजरेंगे। इस पर फैसला हो जाएगा।