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काशी विश्वनाथ धाम में खुदाई में मिले 16वीं सदी के मंदिर के अवशेष, कमल दल और कलश की हैं आकृतियां

Fri, 04 Sep 2020 11:48 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार - फोटो : अमर उजाला
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श्री काशी विश्वनाथ धाम में खुदाई के दौरान मंदिर के अवशेष मिले हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार, यह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के समकालीन किसी मंदिर का टुकड़ा है। संभवत: यह 16वीं शताब्दी से भी पुराना हो। उधर, मंदिर के अवशेष मिलने की खबर मिलते ही मंदिर प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन अभी किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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गुरुवार शाम श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में स्थित श्रृंगार  गौरी के पश्चिम की तरफ अपारनाथ मठ की तरफ जेसीबी से खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान जमीन से मंदिरों के कुछ कलात्मक अवशेष निकले। इन अवशेषों पर कमल दल और कलश की आकृतियां हैं, जिससे माना जा रहा कि ये किसी मंदिर के ही टुकड़े हैं।

पुरातत्वविदों का कहना है कि प्राप्त अवशेष के स्थापत्य 15वीं और 16वीं शताब्दी काल के मंदिरों के स्थापत्य से मिलते हैं। उसमें कलश और कमल के फूल स्पष्ट नजर आ रहे हैं। बहुत संभव है कि यह अवशेष अनुमान से भी अधिक पुराने मंदिर के हों।
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या फिर आसपास के किसी मठ के भी अवशेष हो सकते हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष यादव का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह किसी मंदिर का ही अवशेष है। निर्माण शैली के आधार पर इसको 16वीं शताब्दी के आसपास का माना जा सकता है। मौके पर निरीक्षण के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
 

काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला

ध्वस्तीकरण के दौरान मिल चुके हैं कई प्राचीन मंदिर

विश्व की सबसे प्राचीन नगरी काशी के गर्भ में कई इतिहास दफन हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के लिए खुदाई और ध्वस्तीकरण के दौरान चंद्रगुप्त काल से लेकर उससे भी प्राचीन मंदिर सामने आ चुके हैं। बहुत से ऐसे प्राचीन मंदिर सामने आए है, जिन्हें हजारों साल से भुलाया जा चुका है। कई मंदिरों को उतना ही पुराना माना जाता है जितनी पुरानी काशी नगरी के होने का अनुमान इतिहासकार लगाते हैं।

रथ पर बना है भगवान शिव का मंदिर

कॉरिडोर के लिए भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान मणिकर्णिका घाट के किनारे दक्षिण भारतीय शैली में रथ पर बना अद्भुत शिव मंदिर सामने आया है, जिसमें समुद्र मंथन से लेकर कई पौराणिक गाथाएं उकेरी गई हैं। इसी मंदिर के सामने की दीवार से ढका भगवान शिव का भी प्राचीन मंदिर मिला था।
 
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला।

काशी विश्वनाथ की प्रतिकृति भी मिली थी

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिमूर्ति वाला भी एक मंदिर मिला था। इन मंदिरों को संरक्षित करने काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी बीएचयू की इतिहास विभाग की टीम को दी गई है। यह टीम मंदिर प्रशासन की टीम के साथ मिल कर अभी डेटा इकट्टा कर रही है। मंदिरों की कार्बन डेटिंग कराने की भी तैयारी है। अति प्राचीन मंदिरों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है।
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