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मरीजों को राहत: 71 दिन बाद बीएचयू अस्पताल में ओपीडी आज से शुरू, जानिए क्या है पहले से अंतर

Wed, 23 Jun 2021 10:31 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद 13 अप्रैल से बंद चल रही बीएचयू अस्पताल और  ट्रामा सेंटर की ओपीडी आज से शुरू हो गयी है।  ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से बुकिंग की सुविधा दी गई है। 
 
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बीएचयू अस्पताल का रजिस्ट्रेशन काउंटर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संकट के कारण बंद चल रही बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में 71 दिन बाद आज से ओपीडी शुरू हो गयी है। बुधवार सुबह सुबह नौ बजे से शुरू होने वाली ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए वाराणसी और आसपास के जिलों से कई मरीज सुबह ही अस्पताल आ गए।  पंजीकरण काउंटर पर पर्चा कटाने के लिए भी लाइन लगी रही।

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थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ओपीडी हाल में सभी को प्रवेश मिला। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते रहने की अपील भी की जाती रही। विभाग में पर्चा जमाकर मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे। बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो.केके गुप्ता ने बताया कि ओपीडी के साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से भी मरीजो को परामर्श दिया जा रहा है।

ओपीडी हॉल में मरीजों, परिजनों को सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील भी की जा रही है।  बता दें कि  बीएचयू अस्पताल में विभागवार 50 मरीजों को देखा जाएगा, वहीं भर्ती के साथ ही इलेक्टिव ऑपरेशन भी किया जाएगा।

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इसके अलावा स्पेशियलिटी क्लीनिक और जनरल स्पेशियलिटी वाले विभागों में केवल 25 मरीजों को ही देखा जाएगा। इसमें इलेक्टिव ओटी केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही चलेगी जबकि इमरजेंसी ओटी पहले की तरह ही चलाई जाएगी। अस्पताल में भर्ती होने के लिए मरीजों को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव की रिपोर्ट दिखानी होगी।

इसके बाद ही उन्हें भर्ती किया जाएगा। बीएचयू अस्पताल के साथ ही ट्रामा सेंटर में सामान्य दिनों में चलने वाली ओपीडी में पांच से छह हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। कोरोना काल में 13 अप्रैल से ही बंद चल रही ओपीडी शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत होगी। 
 
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बुकिंग के फैसले से बढ़ सकती है मुश्किल

बीएचयू अस्पताल में ओपीडी सेवा के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार ओपीडी के ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से बुकिंग का फैसला लिया गया है लेकिन इससे लोगों की मुश्किल बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर किसी विभाग के लिए लोगों ने पहले ही 50 सीट पर ऑनलाइन बुकिंग कर ली तो फिर ऑफलाइन बुकिंग नहीं हो सकेगी। एमएस प्रो. केके गुप्ता का कहना है कि लोगों की सहूलियत के लिए ही दोनों माध्यम से बुकिंग की सुविधा दी गई है, लेकिन विभागवार संख्या किसी कीमत पर नहीं बढ़ाई जाएगी।
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