इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देने व पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा इन बाढ़ पीड़ितों को सामुदायिक भवनों और स्कूलों में शरण देने के भी सख्त आदेश दिए थे लेकिन इन सभी आदेशों को जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने ठेंगा दिया। अब तक इनमें से कोई भी सुविधा बाढ़ पीड़ितों को नहीं दी गई है।
उधर, मंगलवार और बुधवार को लगातार हुई बारिश ने बाढ़ पीड़ितों को तोड़कर रख दिया। मंगलवार को करीब नौ घंटे की लगातार बारिश और तेज हवा ने जहां बाढ़ पीड़ितों के टेंटों को उड़ा दिया, वहीं उनकी गृहस्थी का सामान और बिस्तर आदि को बुरी तरह भिगो दिया। आंखों में आंसू लेकर ये लोग पूरी रात खुले आसमान में गिले बिस्तर पर बैठ आसमान की ओर बारिश के रूकने की प्रार्थना करते रहे। वहीं बुधवार को भी दिन में कई बार रुकरुक कर बारिश होती रही। ऐसे में दूसरे दिन भी रात में उन्हें गीले बिस्तरों के चलते जाग कर ही रात गुजारनी पड़ी।
राहत सामग्री आई फिर क्यों नहीं बांटी गई :
सूत्रों की मानें तो बैरिया में राहत सामग्री 16-17 तारीख को ही आ गई थी। इसके बावजूद अब तक इसे नहीं बांटा गया। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी है। सूत्रों के अनुसार डीएम ने इस संबंध में बैरिया के स्थानीय अधिकारियों को फटकार भी लगाई है। वहीं, एक राजनीतिक दल के नेता पर राहत सामग्री न बंटने देने का भी मामला सामने आ रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगरौत ने संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई है।