नोटिस में जिलाधिकारी ने महिला की मौत के बाद परिजनों द्वारा एंबुलेंस को फोन करने, एंबुलेंस न मिलने और स्ट्रेचर पर ही महिला को लेकर निकल पड़ने के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी जिक्र किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई है।
महामारी के संकट के दौर में मरीजों का बेहतर उपचार करने और समय से उपलब्ध कराए जाने का निर्देश शासन द्वारा दिया जा रहा है। इसके बाद भी घटना अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। इससे साबित होता है कि लापरवाही और उदासीनता बरती जा रही है। जिलाधिकारी ने 3 अगस्त तक प्रमुख अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।