24 घंटे बिजली आपूर्ति के योगी सरकार के निर्देश के बावजूद अंधाधुंध कटौती की मार से वाराणसी शहर बेचैन है। हालात पहले से भी खराब हो गए हैं। मरम्मत और लोकल फाल्ट के नाम पर रोजाना कटौती की जा रही है। आपूर्ति का कोई निर्धारित शेड्यूल नहीं रह गया है।
बिजली कब आएगी, कब जाएगी कोई ठीक नहीं। रात में बिजली का आना-जाना लगे रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां रोजाना आठ से दस बार बिजली कट रही है। कटौती मुक्त शहर में टुकड़े-टुकड़े में बिजली आपूर्ति का विभागीय फंडा आम उपभोक्ताओं की समझ से परे हो चला है।
रविवार को केबल पंचर होने से मंडुवाडीह क्रॉसिंग के आसपास के इलाकों में आठ घंटे आपूर्ति ठप रही। शंकुलधारा, सुदामापुर, गोदौलिया, डाफी, डीपीएच, लोहता आदि इलाकों में दो घंटे की एक मुश्त कटौती के साथ ही बिजली का आना-जाना लगा रहा।
चांदपुर, शिवदासपुर, महेशपुर, सिंधोरिया कॉलोनी आदि इलाकों में बिजली की आवाजाही न दिन में थम रही न रात में। कब बिजली आएगी, कब जाएगी, कोई निश्चित नहीं। कचहरी, वरुणा पार, अर्दली बाजार, चौक आदि इलाकों में भी कटौती हुई।
अकथा फीडर से जुड़े इलाके में रविवार की भोर में तीन से साढ़े चार बजे तक जबकि औरंगाबाद में सुबह, दोपहर, शाम और रात में आधे-आधे घंटे की कटौती रही।
उधर, अधीक्षण अभियंता आरडी सिंह के अनुसार 15 से 18 मई तक तरना के गणेशपुर फीडर प्रतिदिन सुबह 11 से 2 तीन घंटे के लिए आपूर्ति बाधित रहेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 56 फोरलेन निर्माण हो रहा है। इसमें पोल, तार का शिफ्टिंग कार्य चल रहा है।
बीएचईएल गेट, तरना से प्रज्ञा हास्पिटल के बीच पुराने बिजली के उपकरण हटाए जाएंगे। इसके चलते तरना बाजार, गनेशपुर पोखरा, व्यासबाग, भेलखां आदि इलाकों की आपूर्ति बाधित रहेगी।