नदी की धारा के किनारों से टकराने के कारण खेतों के किनारे की जमीन कटने लगी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। बरामदपुर गांव के निवासी दिनेश पटेल ने बताया कि पानी घटने के बाद नदी किनारे कटान शुरू हो गई है।
अभी स्थिति सामान्य है, लेकिन कटान बढ़ने पर खेत बचाना मुश्किल हो जाएगा। सहबदिया गांव के श्री राम ने कहा कि पानी कम होने के बावजूद किनारे की जमीन लगातार कट रही है।देवारा खास राजा के पारस यादव ने बताया कि हाजीपुर गोला पुल के ठीक पूर्व दिशा में कटान हो रही है, जिससे खेत नदी में समाते जा रहे हैं। अब तक लगभग 50 बीघा जमीन कट चुकी है।
तहसील प्रशासन द्वारा 14 गांवों में 25 नावों का संचालन किया जा रहा है। सहबदिया, परासिया, गांगेपुर, चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, बांका, बूढ़न पट्टी, सोनौरा, भदौरा मकरंद, आराजी अजगरा मगरवी, अचल नगर, हैदराबाद, शिवपुरी और देवारा जदीद जैसे इलाकों में आज भी पानी फैला हुआ है।
जलस्तर की स्थिति
बदरहुआ नाले पर शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 72.09 मीटर था, जो शनिवार को 49 सेंटीमीटर घटकर 71.60 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर जलस्तर 71.28 मीटर से 51 सेंटीमीटर घटकर 70.77 मीटर हो गया। डिघिया नाले का जलस्तर न्यूनतम 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। वहीं, बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है।
सरयू नदी के जलस्तर में कमी आने के बावजूद कटान का खतरा बना हुआ है। हमारी ओर से नावों का संचालन किया जा रहा है। स्थिति पर हमारी नजर है, जरूरत पड़ने पर और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।