संत निरंजन के साथ आएंगे 2000 अनुयायी
केएल सरोवा ने बताया कि पंजाब से संत निरंजनदास के साथ दो हजार से अधिक साध-संगत और प्रवासी भारतीय (एनआरआई) आएंगे। इसमें से 500 से अधिक एनआरआई होंगे। संत निरंजन दास जालंधर से 29 जनवरी को बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से संगत संग चलेंगे और 30 जनवरी को वाराणसी पहुंचेंगे।
होटल हुए फुल : संत रविदास जयंती को देखते हुए खासकर सीर गोवर्धन, लंका क्षेत्र के ज्यादातर होटल फुल हो चुके हैं। अमेरिका, लंदन, कनाड़ा, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड, फ्रांस आदि देशों के एनआरआई आ रहे हैं, जो तीन दिनों तक काशी में गुरु बंदगी करेंगे।
त्रिदेव मंदिर में सिंहासन पर विराजेंगे विग्रह
त्रिदेव मंदिर दुर्गाकुंड का 18वां स्थापना दिवस आठ फरवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं को श्रीराणी सती दादी, सालासार हनुमान और खाटू श्याम की स्वर्ण जड़ित सिंहासन पर अलौकिक झांकी सजाई जाएगी। त्रिदेव मंदिर सेवक परिवार की रविवार को मंदिर में हुई बैठक संस्था के अध्यक्ष भरत सराफ और मंत्री राधे गोविंद केजरीवाल ने महोत्सव की तैयारी का खाका खींचा। बताया कि सुबह आठ बजे से शिव रुद्राभिषेक, नौ बजे से 1001 कन्याओं का पूजन, 11:30 बजे से संगीतमय दादी मंगल पाठ और शाम चार बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। देश-विदेशी फूलों एवं विद्युत झालरों से मंदिर को सजाया जाएगा।
रासलीला परमात्मा से दिव्य मिलन की लीला
आचार्य तुंगनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भगवान की लीलाएं जीव को शिक्षा देती हैं। चीरहरण लीला का रहस्य यही है कि अनंतकाल से जीव का अंतिम समय में चीरहरण होता है। भगवान सच्चिदानंद हैं। उनकी रासलीला सांसारिक कामलीला नहीं है। इसका नाम काम विजय लीला है। करौंदी स्थित महामना नगर काॅलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन उन्होंने कहा कि रासलीला जीवात्मा के परमात्मा से दिव्य मिलन की लीला है।
गोपियों ने भगवान के लिए सर्व का त्याग किया तो कृष्ण उनके पीछे चले। वे सर्वव्यापक और सर्वत्र होने पर भी उनके वश में हैं। यही भक्ति का सर्वोच्च फल है। प्रेम की पराकाष्ठा एवं गृहस्थ जीवन की मर्यादा के लिए ही भगवान श्रीकृष्ण ने लक्ष्मीस्वरुपा रुक्मिणी से विवाह किया। भगवत चरणों में प्रेम भक्ति रस है। हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने व्यासपीठ का पूजन व आरती की। कथा श्रवण अविनाश श्रीवास्तव, नीतू, आकाश, जामवंती देवी पहुंचीं।