उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थल होने के कारण यहां किसी भी पार्टी के नेताओं को आने में कोई परहेज नहीं करना चाहिए और सबका यहां स्वागत है। वैसे तो प्रमुख नेता खुद आने की इच्छा जताते हैं लेकिन चुनाव के कारण सुरक्षा को देखते हुए प्रोटोकॉल के पालन में दिक्कत होती है। यूपी और पंजाब के सीएम के आने की उम्मीद ज्यादा होने के कारण तैयारियां जोर शोर से की जा रही हैं।
मंदिर में संत रविदास के दर्शन करते सेवादार।
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संत रविदास मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 और 2019 में मत्था टेकने के साथ ही लंगर भी छका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन बार यहां मत्था टेका है। देश के दो पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह और डॉ. के आर नारायणन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, थावर चंद गहलोत, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, भाजपा के केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, हरसिमरत कौर, शमशान सिंह दुल्लो, भीम आर्मी चीफ चद्रशेखर आजाद, भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी आ चुके हैं।