वाराणसी के रामनगर की रामलीला में लंका में महासंग्राम छिड़ गया। भगवान राम और राक्षसी सेना के भयंकर युद्ध को देखकर देवता भी हर्षित हो रहे है। आधी सेना के मारे जाने से रावण भी चिंतित हो उठा। बंदरों का उत्पात देखकर मेघनाथ रणभूमि में पहुंचता है। उसके प्रहार से बंदर और भालू कराह उठते हैं।
राम ने अग्नि बाण से उसकी माया को काट दिया। मेघनाद और कुंभकरण दोनों युद्ध में मारे जाते हैं। देवता भी भगवान राम की जय-जयकार करते हैं।
शनिवार को रामनगर की रामलीला में चारों फाटक की लड़ाई, लक्ष्मण पर शक्ति का प्रयोग तथा प्रतिकार, मेघनाद और कुंभकर्ण से वध की लीला का मंचन किया गया। लीला स्थल के आसपास मेले जैसा माहौल था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और राक्षस राज रावण के बीच महासंग्राम छिड़ते ही लंका में हाहाकार मच जाता है। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध होता है।