फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामनगर कोयला मंडी सीज, प्रशासन ने जड़ा ताला, महीनों से क्षेत्रीय लोग मंडी बंद कराने के लिए कर रहे थे आंदोलन

Wed, 23 Jun 2021 09:13 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

कोयला मंडी को हटाने के लिए स्थानीय लोग कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिलने पर लोगों ने आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान तक कर दिया था।
 
विज्ञापन
रामनगर कोयला मंडी सीज। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी जनपद के रामनगर क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बने कोदोपुर में लग रही कोयला मंडी को अंतत: बुधवार को पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में सीज कर दिया गया। मंडी के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रशासन ने चाभी अपने कब्जे में ले ली। मंडी में तालाबंदी की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। इस तरह पिछले कई माह से चल रहा आंदोलन समाप्त हुआ। कोयला मंडी को हटाने के लिए स्थानीय लोग कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। 

विज्ञापन


प्रशिक्षु एसडीएम आकाश कुमार, कोतवाली एसीपी प्रवीण कुमार सिंह और कोतवाली सर्किल के तीनों थाने रामनगर, आदमपुर और कोतवाली पुलिस समेत कई प्लाटून पीएसी जवान लगभग साढ़े बारह बजे कोदोपुर स्थित कोयला मंडी पहुंचे। इसी बीच आसपास के लोग और राजनीतिक दलों के नेता भी मौके पर पहुंच गए। मंडी के अंदर मौजूद सभी लोगों को पुलिस ने मंडी से बाहर करते हुए अंदर गेट बंद करवा दिया। लगभग दो घंटे तक संचालकों और पुलिस अफसरों की चली मंत्रणा के बाद लगभग पौने तीन बजे टीम बाहर निकली और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। 

एसीपी कोतवाली प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि मंडी तत्काल प्रभाव से सीज कर दी गई है। उत्खनन विभाग के कर्मियों द्वारा मंडी में इकट्ठा कोयले का आंकलन कर लिया गया है। जब कोर्ट से आर्डर आएगा तो रिलीज कर दिया जाएगा। वहीं, मंडी से सटी गिट्टी बालू मंडी के बीच खोदाई कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार से वाहनों का आवागमन न हो। इसके अलावा मंडी संचालक को चेतावनी भी दी गई है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

लोगों ने छेड़ी थी आर पार की लड़ाई 

कोयला मंडी को बंद कराने के लिए क्षेत्रीय लोग धरना प्रदर्शन कर विरोध जता रहे थे। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिलने पर लोगों ने आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान तक कर दिया था। अंदरखाने ये भी चर्चा थी कि मंडी बंद कराने के लिए राजनीतिक दबाव भी पड़ने शुरू हो गए थे। क्योंकि कुछ जनप्रतिनिधियों को भी कटघरे में खड़ा किया जाने लगा था। इधर जनता का दबाव और उधर राजनीतिक दबाव दोनों का असर रहा कि मंडी पर ताला जड़ दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें