कोयला मंडी को बंद कराने के लिए क्षेत्रीय लोग धरना प्रदर्शन कर विरोध जता रहे थे। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिलने पर लोगों ने आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान तक कर दिया था। अंदरखाने ये भी चर्चा थी कि मंडी बंद कराने के लिए राजनीतिक दबाव भी पड़ने शुरू हो गए थे। क्योंकि कुछ जनप्रतिनिधियों को भी कटघरे में खड़ा किया जाने लगा था। इधर जनता का दबाव और उधर राजनीतिक दबाव दोनों का असर रहा कि मंडी पर ताला जड़ दिया गया।