वाराणसी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने आरोप लगाया कि सोनभद्र की घटना प्रदेश सरकार की लापरवाही का परिणाम है। अपनी जमीन के लिए लोग कचहरी से लेकर थाने तक चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। वर्ष 2017 में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में ही जमीन का बैनामा हुआ।
बीएचयू अस्पताल के न्यूरोलॉजी वार्ड में भर्ती सपा नेता चितेश्वर सिंह को देखने आए चौधरी ने कहा कि नरसंहार के बाद सबसे पहले सपा नेताओं ने ही विधानसभा के बाहर धरना दिया था, तब प्रियंका गांधी भी सोनभद्र नहीं पहुंची थी। उन्होंने कहा कि आजम खान के बहाने सरकार सपा को बदनाम कर रही है। आजम पर साजिशन मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया नियमानुसार हुई, इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों को भयाक्रांत कर रही है।
आजम द्वारा लोकसभा में महिला नेता पर टिप्पणी के सवाल पर कहा कि लोकतंत्र में नोंकझोंक होती रहती है। यह संसदीय कार्रवाई है, इसका हल भी लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सपा सरकार ने 1090 की जो व्यवस्था शुरू की थी, उसे खत्म कर एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाया गया, लेकिन अब एंटी रोमियो स्क्वॉड के सिपाही ही महिला सिपाही से छेड़खानी कर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश में गायों के मरने पर कहा कि प्रदेश सरकार जगह-जगह गोशाला तो बनवा रही है, लेकिन चारे की व्यवस्था नहीं कर पा रही है, इसी कारण गायों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जवाब तलब किया है। अमेरिका की एक पत्रिका में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि पूरी दुनिया में मॉब लिचिंग में उत्तर प्रदेश अव्वल स्थान पर पहुंच चुका है।