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रामवृक्ष के बेटे का सनसनीखेज आरोप, मेरे पिता को पुलिस ने जिंदा पकड़ा था

Wed, 19 Apr 2017 05:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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कलावती और रामवृक्ष फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मथुराकांड के मुख्य सूत्रधार रामवृक्ष यादव की मौत की पुष्टि न होने पर उसके परिवार ने पुलिस पर रामवृक्ष को गायब करने का आरोप लगाया है। पत्नी और बेटे ने कहा है कि पुलिस बताए कि वह कहां हैं अन्यथा हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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मालूम हो कि जवाहरबाग कांड में पुलिस ने जिस शव को रामवृक्ष यादव का बताया था, डीएनए टेस्ट में उसके बेटे से वह मैच नहीं हुआ। रामवृक्ष के बड़े पुत्र राजनारायण यादव ने बताया कि मेरा ब्लड ग्रुप जांच के लिए लिया गया था, लेकिन मैच नहीं हुआ, अभी तक मेरे पिता का पता नहीं चल पा रहा है।

उसने कहा कि मेरे पिता को पुलिस ने जिंदा पकड़ा था। वह शासन और प्रशासन के षड्यंत्र का शिकार हुए हैं। इस समय घर पर राजनारायण अपनी पत्नी, माता, बहन के साथ घर पर रह रहा है। बताया कि मेरे पिता के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार है।  गांव में भी रामवृक्ष के जिंदा अथवा मरे होने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
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रामवृक्ष की पत्नी कलावती देवी ने कहा कि मेरे पति मरे नहीं तो कहां गए ? पुलिस वालों ने उन्हें गायब किया है। अब वह उन्हें खोज कर लाएं। हम चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।  उधर मथुरा जेल में बंद रामवृक्ष के बेटे विवेक यादव उर्फ लखू के जमानती प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई थी।

पुलिस उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्पना शुक्ला की अदालत में लाई थी। न्यायालय में पेश होने के बाद विवेक कक्ष से बाहर निकला तो उसने मीडिया से बात करने की इच्छा जताई। तब पुलिस ने उसे बोलने से रोक दिया। लेकिन कुछ देर बाद जब वो अदालत से बाहर आया तो अपने आसपास मीडिया का जमावड़ा देख उसने जोर-जोर से अपनी बात रखनी शुरू कर दी।

उसने कहा कि उसके पिता को परेड ग्राउंड से जिंदा पकड़ा गया था। उसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता। डीएनए रिपोर्ट पर उसने कहा कि इसकी जानकारी उसे नहीं है।  बता दें मथुराकांड में उसका कृत्य जानने के बाद से गांव के लोग सकते में हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि रामवृक्ष इतना उग्र हो सकता है। वह गांव से कई साल पहले ही नाता तोड़ चुका था। उसके घर के नाम पर खपरैल तथा झोपड़ी है।
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पत्नी ने कहा पुलिस बताए कहां हैं मेरे पति

Ram Vriksh Yadav - फोटो : अमर उजाला
1976 में वह बाबा जयगुरु देव का शिष्य बना। उसके बाद अपना पूरा जीवन उनके लिए समर्पित कर दिया था। रामवृक्ष अपनी पत्नी कलावती, बेटी गुडि़या तथा बेटा राजनारायण के साथ मथुरा में रहता था। जबकि छोटा बेटा दिल्ली में प्रशासनिक नौकरी की तैयारी करता है।

रामवृक्ष के भाई उदय प्रताप फौज में हैं । उनका परिवार गांव में रहता है। बताते हैं कि रामवृक्ष से उनका कोई संबंध नहीं है। मालूम हो कि हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले साल मथुरा पुलिस जवाहर बाग पर सत्याग्रहियों से कब्जा हटाने गई थी।

उस दौरान सत्याग्रहियों ने पुलिस बल पर हमला शुरू कर दिया था। जिसमें मथुरा के एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, एसएचओ संतोष यादव की मौत हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 19 सत्याग्रहियों के भी मारे जाने की खबर थी। जिसमें रामवृक्ष यादव के भी मारे जाने का पुलिस ने दावा किया था।

लेकिन अब यह कहानी नया मोड़ ले चुकी है। डीएनए टेस्ट के बाद उसके मौत की पुष्टि न-होने पर उसके जिंदा होने की अटकलें लगाई जा रही है।
 रामवृक्ष यादव के बेटे विवेक यादव की जमानत की अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्पना शुक्ला ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में बुधवार को निर्णय आ सकता है।

अदालत में विवेक यादव के अधिवक्ता एलके गौतम ने कहा कि विवेक की गिरफ्तारी को 90 दिन से ज्याद हो चुके हैं लेकिन पुलिस अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। ऐसे में विवेक की जमानत मंजूर कर ली जाए।

इधर सीबीआई के अफसरों ने विवेक की कस्टडी रिमांड के लिए पैरवी की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला रिजर्व रख लिया है।
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