चैत्र नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथियों में संदेह को ज्योतिषाचार्यों ने दूर कर दिया है। रामनवमी की पूजा 27 मार्च को होगी। जबकि 26 मार्च को दोपहर तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी, लेकिन उदया तिथि के चलते अगले दिन यानी 27 को रामनवमी पूजा होगी और प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
नवरात्र की अष्टमी तिथि के दिन ही नवमी तिथि के लगने से श्रद्धालुओं में रामनवमी पूजा को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई थी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात ज्योतिषविद् प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि अष्टमी तिथि 25 मार्च को शाम 4:54 बजे लगेगी, जो अगले दिन 26 मार्च को दोपहर 2:32 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी और 27 मार्च को दिन में 12:29 बजे तक रहेगी।
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उदया तिथि होने से इसी दिन ही नवमी मान्य होगी। इसलिए रामनवमी की पूजा 27 को होगी। उन्होंने बताया कि 26 को दोपहर में नवमी लगने के चलते दुर्गाष्टमी इसी दिन मनाई जाएगी। अष्टमी का व्रत 26 को और पारण 27 को होगा। जबकि नौ दिनों तक व्रत रखने वाले व्रती 28 मार्च को पारण करेंगे।