भक्तों द्वारा जमा किया राम नाम काफी सहेज कर रखा जाता है
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बैंक भक्त को राम बुक से लेकर कलम तक मुहैया कराई जाती है। हर साल रामनवमी पर भक्त यहां खाता खुलवाने आते हैं। राम रमापति बैंक के संयोजक आशीष मेहरोत्रा ने बताया कि जो लोग यहां आते हैं उनकी राशि व नाम से एक शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। इसके बाद फॉर्म भराया जाता है। इसके लिए एक नियम की पुस्तक उन्हें फॉर्म भरने के पहले दी जाती है।
पालन करने होते हैं नियम
रामभक्त को प्याज लहसुन नही खाना होता है। मांस-मदिरा का सेवन निषेध होता है। किसी की मृत्यु व बच्चे के जन्म के वक्त का अशुद्ध खाना नहीं खाना है। जूठा खाना नहीं खाना है। इन सारी चीजों का परहेज करते हुए राम नाम लिखना होता है। जैसे ही अनुष्ठान पूरा हो जाता है, उसे विधिवत पूजा कर राम नाम बैंक में जमा कर दिया जाता है।