ज्योतिष शास्त्र का अपमान करने का अधिकार नहीं
कुंडली की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर्दशा से मुहूर्त नहीं निकाला जाता है, यदि ऐसा होता तो मुहूर्त ग्रंथ बनते ही क्यों, दशा से ही मुहूर्त निकाल लिया जाता। जो लोग बार-बार अप्रमाणिक तथ्य सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं वो या तो दिग्भ्रमित हैं या डरे हुए हैं। वेद, पुराण और ज्योतिष शास्त्र का अपमान करने का किसी को भी अधिकार नहीं है। हमारा सनातन धर्म बहुत प्राचीन और श्रेष्ठ है। सनातनी लोग इसका अपमान कभी भी सहन नहीं कर सकते।