सावन की पूर्णिमा पर काशीपुराधिपति सपरिवार झूले पर विराजमान होंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में झूलनोत्सव के लिए बाबा की रजत पंचबदन प्रतिमा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से शाम 5:15 बजे मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। उससे पूर्व शाम 4:30 से 5:15 बजे तक महंत आवास पर विधि-विधान से पूजन एवं आरती की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
शाम में विग्रह के पूजनोपरांत मंदिर के अर्चक और महंत परिवार के सदस्य बाबा की पंचबदन प्रतिमा को सिंहासन पर विराजमान करके टेढ़ीनीम से साक्षीविनायक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए विश्वनाथ मंदिर तक ले जाएंगे। इस दौरान बाबा का विग्रह श्वेत वस्त्र से ढंका रहेगा।
मंदिर पहुंचने के बाद बाबा की पंचबदन प्रतिमा को माता पार्वती और गणेश के साथ पारंपरिक झूले पर विराजमान कराया जाएगा। दीक्षित मंत्र से पूजन के बाद सर्वप्रथम पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी बाबा को झूला झुलाएंगे। इसके उपरांत सप्तर्षि आरती कराने वाले महंत परिवार के सदस्य बाबा का झूला झुलाएंगे।