लोकसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं ले सकता। इसी के मद्देनजर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। ऐसा इसलिए है कि राजनाथ सिंह का गांव चंदौली जिले के नक्सली क्षेत्र में स्थित है। नक्सल क्षेत्र में नक्सली आहट की सुगबुगाहट के मद्देनजर पुलिस प्रशासन महकमा सतर्क हो गया है।
रविवार को नौगढ़ के जंगलों में कांबिंग के बाद सोमवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गांव रामपुर-भभौरा में देर शाम एक प्लांटून पीएसी तैनात कर दी गई। वहीं एक प्लांटून औरवाटाड़ बंधा तथा पुलिस लाइन में रिजर्व रखा गया है। सूत्रों की माने तो चुनाव से पहले नक्सलियों की आहट की खुफिया रिपोर्ट के बाद पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है।
नौगढ़ के पहाड़ी और जंगली क्षेत्र नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगार माना जाता है। जो जंगल के रास्ते सोनभद्र, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड से आते जाते रहे हैं। लेकिन दो दशक से नौगढ़ की वादियों में नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है। लोग अब अमन चैन से गुजर बसर कर रहे हैं।
सुरक्षा को देखते हुए पिछले काफी समय से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पैत्रिक गांव रामपुर भभौरा में पीएसी की एक टुकड़ी तैनात रहती थी। लेकिन इन दिनों पुलिस महकमा भी इस बात को लेकर बेखबर हो गया और पीएसी की टुकड़ी को गृहमंत्री के गांव से हटा लिया गया। जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस रवैए का विरोध भी किया।
लेकिन इसकी जानकारी होने पर एडीजी ला एंड आर्डर ने तत्काल गोरखपुर से एक कंपनी पीएसी जिले के लिए रवाना कर दिया। शासन के निर्देश के बाद सोमवार को गृहमंत्री के गांव में एक प्लाटून पीएसी भेज दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों की ओर से गड़बड़ी की खुफिया रिपोर्ट के बाद पुलिस महकमा सक्रिय हुआ है। इसके बाद ही गृहमंत्री के गांव में दोबारा से पीएसी लगाई गई है।