गंगा में जल परिवहन के नए अहसास के साथ मौजूदा पर्यटन सीजन का पहला यात्री क्रूज ‘राजमहल’ काशी पहुंचा। 21 विदेशी सैलानियों को लेकर आए इस क्रूज ने राजघाट के खिड़किया घाट पर लंगर डाला है।
यूनाइटेड किंगडम, जर्मन और आस्ट्रेलिया से मंगलवार को आए ये सैलानी गंगा घाटों का लुत्फ उठाने के बाद सारनाथ गए। भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सहित अन्य ऐतिहासिक-पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण किया।
मेहमानों ने शाम को गंगा आरती की भी छटा निहारी। काशी के प्रसिद्ध व्यंजनों को चखा। क्रूज मैनेजर कुणाल सिंह की अगुवाई में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित राजमहल 22 जुलाई को कोलकाता से काशी के लिए निकला था।
बुधवार को ‘राजमहल’ सैलानियों को लेकर चुनार जाएगा। वहां चुनार का किला, लकड़ी के खिलौने, पहाड़ों का भ्रमण करने के बाद सैलानी वापस लौटेेंगे। उन्हें लेकर क्रूज रामनगर आएगा।
सैलानी रामनगर किले के अलावा नगर का भ्रमण करेंगे। क्रूज की पटना के लिए वापसी 11 अगस्त को होगी। क्रूज मैनेजर ने बताया कि सितंबर तक ‘राजमहल’ दो बार और यहां आएगा।