महमूरगंज स्थित एक लान में श्री गवरजा माता उत्सव समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्त
गणगौर पर्व के तहत आयोजित सिंधारा कार्यक्रम में राजस्थानी लोक संस्कृति की रंग-बिरंगी छटा देखने को मिली। करीब 200 महिलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों ने भक्ति, परंपरा और लोकजीवन को सजीव कर दिया। महमूरगंज स्थित एक लॉन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजी पुलिस वाराणसी पीयूष मोडिया व विशिष्ट अतिथि स्वाति मित्तल ने किया। ओम नमः शिवाय..., गोविंद बोलो हरे गोपाल बोलो..., ईसर जी की बरात... और गणगौर से जुड़े लोकगीतों पर नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मुग्ध कर दिया। घाघरा-चुन्नी और साफों की छटा ने राजस्थानी परंपरा को जीवंत रूप दिया।
आयोजन में अध्यक्ष कमल अग्रवाल व मंत्री राम बूबना ने गणगौर को नारी श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक बताया। प्रचार मंत्री गौरव राठी ने बताया कि 21 मार्च को काशी गौशाला से लक्ष्मीकुंड तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र का संदेश पढ़कर सुनाया गया। संचालन दीपक माहेश्वरी, पवन कुमार अग्रवाल, प्रीति बाजोरिया, ऋतु धूत, शानू जाजोदिया, पूजा चांडक व प्रीति ने किया। धन्यवाद अजय खेमका और स्वागत लाला चांडक ने किया। इस अवसर पर कमल अग्रवाल, राम बबूना, आरके चौधरी, लोकेंद्र करवा, उमाशंकर अग्रवाल, नवरतन राठी, पवन मोदी, दीपक बजाज, शंकरलाल सोमानी, गौरीशंकर नेवर, किशोर मुंदड़ा आदि रहे। य