मानसून का सीजन जून से सितंबर तक का माना जाता है। इन चार महीने में औसत बारिश के मानक के अनुसार 901 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। इसमें अब तक तीन महीने में 669 मिलीमीटर बारिश का कोटा है। हालांकि अब तक कुल 342 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। पिछले चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल तो लक्ष्य अधूरा है ही पिछले सालों की तुलना में बारिश का ग्राफ भी बहुत नीचे आ गया है।
आम तौर पर मानसून के वाराणसी में दस्तक का समय 20 जून माना जाता है। इस साल 25 जून को मानसून ने दस्तक दी और इस महीने में बचे छह दिन में कुल 48.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद जुलाई में औसत मानक 294 मिलीमीटर मौसम विभाग ने बनाया है। पिछले सालों में जुलाई में 220 मिलीमीटर तक बारिश हुई वहीं इस साल जुलाई में बारिश केवल 133 मिलीमीटर ही रिकॉर्ड की गई। अगस्त महीने में भी लक्ष्य 294 के सापेक्ष बारिश 50 फीसदी तक किसी तरह हो सकी।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि फिलहाल मानसून की सक्रियता भी कम ही दिख रही है। पिछले चार-पांच दिन से तेज धूप हो रही है। लोग उमस से परेशान हैं। आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार कम दिख रहे हैं।