यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पर वाराणसी में पूर्व शिक्षक एमएलसी चेत नारायण सिंह ने सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि परीक्षा के लिए 250 केंद्रों का निर्धारण किया जाना है।
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इसके लिए गठित कमेटी में पहले जहां दो-दो प्रधानाचार्य अनुदानित और वित्तविहीन विद्यालयों से रखे जाते थे, वहीं इस बार केवल दो प्रधानाचार्य हैं और वो भी राजकीय विद्यालय से हैं। चेत नारायण सिंह ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं है।
कमेटी में पहले की तरह दो-दो अनुदानित-वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को रखा जाना जरूरी है। जिससे कि किसी तरह का मनमुटाव न हो। बता दें कि बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यालयों की ओर से संसाधनों की सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। अब शिक्षा विभाग की ओर से उसका सत्यापन कराया जा रहा है।
इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर विजय प्रकाश सिंह का कहना है कि केंद्र निर्धारण की पूरी प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के आधार पर की जाती है। इसमें किसी तरह का कोई भेदभाव नही किया जा रहा है।