भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने दान के बल पर ही एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय खड़ा किया। इसी से प्रेरणा लेकर प्रदेश के सबसे पुराने राजकीय क्वींस कॉलेज ने भी प्रतिदान शुरू किया है। इस दान बाती में लोग बढ़ चढ़कर सहयोग भी कर रहे हैं।
236 साल पुराने क्वींस कॉलेज से पढ़े विद्यार्थी देश-विदेश में उच्च पदों पर हैं। कॉलेज की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण बढ़ाने के लिए कॉलेज के नए प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव ने भी बीएचयू से प्रभावित होकर प्रतिदान की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इसके लिए अलग से बैंक में खाता खोला गया है। क्यूआर कोड बना है। यहां के पुरातन छात्रों के अलावा और शहर के व्यापारी वर्ग और छात्रों के अभिभावक भी सहयोग कर रहे हैं। अभी तक करीब एक लाख रुपये की धनराशि एकत्रित हो चुकी है। प्रधानाचार्य ने बताया कि इसी माह पुरातन छात्र सम्मेलन होना है। छह सौ से अधिक पुरातन छात्रों की सूची तैयार की गई है। उनसे भी सहयोग की अपील की जाएगी। यहां पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही विद्यालय के भवनों को हेरिटेज का दर्जा दिलाया जाएगा।