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पूर्वांचल में मौसम: वाराणसी में 7.6 एमएम हुई बारिश, बढ़ गई ठिठुरन, जानें अब कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

Wed, 29 Dec 2021 09:55 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 बारिश की वजह से अब और अधिक गलन और सर्दी बढ़ने की संभावना है। बुधवार सुबह से कोहरा छाया हुआ है। 
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वाराणसी में छाया कोहरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेमौसम झमाझम बारिश से वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में ठंड में इजाफा हुआ है। ठंडी हवाएं चलने की वजह से लोग शाम होते होते घरों में दुबकने के लिए विवश हो गए।  अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को वाराणसी में  7.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड किया गया है। जिसकी वजह से 

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से अब और अधिक गलन और सर्दी बढ़ने की संभावना है। 

बुधवार सुबह से कोहरा छाया हुआ है। आसमान में बादलों की आवाजाही भी जारी है। अभी तीन दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। इस दौरान वाराणसी समेत आसपास के जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।  इस सप्ताह के शुरूआत से ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सोमवार को सुबह कोहरा छाए रहने के साथ ही गलन अधिक लग रही थी।

इस बीच मंगलवार को सुबह हल्का कोहरा छाया रहा और दिन में नम हवा चलती रही। इसके बाद बादल छाने लगे और देखते देखते दोपहर बाद 2.50 बजे गरज-चमक संग बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिक एसए पांडेय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से बारिश हुई है। बताया कि 30 दिसंबर तक ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। इसके बाद ठंड और बढ़ेगी। 

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दर्जनों मोहल्लों की बिजली हुई गुल

बारिश के चलते दर्जनों मोहल्ला की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद शाम करीब तीन बजे जैसे ही तेज हवा संग बारिश शुरू हुई कुछ जगहों पर बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली काट दी, जबकि कुछ जगहों पर ट्रिपिंग की वजह से बिजली कट गई। इस वजह से घरों में अंधेरा छाया रहा। करीब घंटे भर बाद आपूर्ति बहाल हुई। बारिश शुरू होने के बाद मंडुवाडीह, बजरडीहा, साकेतनगर, इंदिगरानगर, सुंदरपुर समेत दर्जनों मुहल्लों में बिजली कटौती के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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खेती किसानी के लिए बरसा अमृत, गलियों के लिए बारिश से परेशानी 

मंगलवार को हुई बारिश से भले ही ठंड में इजाफा हो गया हो लेकिन किसानों के फसलों के लिए अमृत वर्षा हुई है। कृषि वैज्ञानिकों और किसानों का कहना है कि हल्की बारिश से उनकी फसलों को फायदा होगा। अगर बारिश तेज होती तो मटर, टमाटर, आलू सहित कई फसलों को नुकसान होता। खेतों में पानी जमा होने से गलन और पाला की संभावना बढ़ गई है। जबकि ठंड बढ़ने से पशुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

कादीपुर खुर्द के किसान अवधेश दूबे ने बताया कि इस बारिश से फूल वाली सब्जियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ठंड के अचानक बढ़ते ही पशुओं की परेशानी बढ़ गई है। दानगंज इलाके के किसानों ने बारिश को गेहूं की फसल के लिए अमृत बताया। कृषि रक्षा विभाग के अधिकारियों ने सलाह दी है किसान बारिश के पानी के निकास का उचित प्रबंध कर गलन और पाले की समस्या से फसलों का बचाव कर सकते हैं। 
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