शहर के सुनियोजित विकास के लिए विकास प्राधिकरण अब जनभागीदारी को बढ़ावा देने की तैयारी में है। यही कारण है कि शहर के छोटे से लेकर बड़े विकास कार्यों की योजना से पहले स्थानीय लोगों से रायशुमारी की जाएगी। इसके लिए विकास प्राधिकरण 10 दिन तक बकायदा जन सुझाव अभियान चलाएगा। इसमें बनारस के लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपनी राय देकर शहर के विकास में जिम्मेदारी निभा सकेंगे।
विकास प्राधिकरण शहर में संभावित विकास कार्यों जैसे सड़क, पार्क सुधार, चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों का सुंदरीकरण, सार्वजनिक सुविधाओं का विकास इत्यादि विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त करेगा। इसके लिए एक मई से 10 मई तक आमजनता से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इस अभियान के तहत अपने संभावित विकास कार्य संबन्धित सुझाव आम जनमानस प्राधिकरण के ईमेल पर अथवा प्राधिकरण हेल्पडेस्क पर लगाए गए ड्राप बाक्स कार्यस्थल एवं कार्य संबन्धित सम्पूर्ण विवरण के साथ प्रदान किए जा सकते है। ये विकास कार्य प्राधिकरण द्वारा गठित निर्माण समिति के समक्ष क्त्रिस्यान्वयन संबन्धित दिशा निर्देशों की अनुरूपता की जांच हेतु प्रस्तुत किए जायेंगे तथा नियमसंगत एवं व्यावहारिक होने की दशा में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा इन कार्यों को क्त्रिस्यान्वित करने हेतु एस्टिमेट डीपीआर इत्यादि की कार्यवाही की जायेगी। निर्माण समिति द्वारा चयनित विकास कार्यों के सुझाव दाताओं को वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा सम्मानित भी किया जायेगा। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि शहर की सही जानकारी स्थानीय लोगों को होती है। ऐसे में लोगों से रायशुमारी के बाद सुनियोजित विकास को गति मिलेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि इस अभियान में हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
समय से पूरी कराएं परियोजनाएं
वीडीए उपाध्यक्ष ने बुधवार को गतिमान निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न निधियों के माध्यम से गतिमान परियोजनाओं की वर्तमान भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के विषय में अवगत कराया गया। परियोजना कार्यों को कार्य की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये। महत्वपूर्ण परियोजनाओं में कार्य स्थल पर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा गतिमान परियोजना कार्यों को अधिक संख्या में लेबर लगाकर 3 शिफ्ट में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। उपाध्यक्ष ने चेतावनी भी दी कि भौतिक प्रगति की वास्तविक समीक्षा के लिए औचक निरीक्षण किये जायेंगे।